कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा की खेल प्रतिभाओं का देश की उपलब्धियों में अहम योगदान एक बार फिर सामने आया है। 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने कुल 39 पदक अपने नाम किए, जिनमें हरियाणा के खिलाड़ियों की हिस्सेदारी 11 पदकों की रही। इनमें 7 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं।
खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रदेश में खेलों के लिए तैयार किए जा रहे माहौल और सुविधाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार का कहना है कि प्रतिभावान खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर पर पहचानने से लेकर उन्हें प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और सम्मान देने तक लगातार काम किया जा रहा है।
सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले करीब 12 वर्षों में प्रदेश के 17,544 खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार के रूप में लगभग 742 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा 260 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी भी प्रदान किए जाने का दावा किया गया है।
खेल सुविधाओं के विस्तार पर भी सरकार ने खर्च का आंकड़ा सामने रखा है। इसके अनुसार प्रदेश में खेलों से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए करीब 1,100 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं, जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को तैयार करने के लिए राज्य में 2,000 खेल नर्सरियां संचालित की जा रही हैं।
सरकार का कहना है कि खेल नीति का उद्देश्य केवल पदक जीतने वाले खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव और छोटे शहरों में मौजूद प्रतिभाओं को भी बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराना है। खिलाड़ियों की उपलब्धियों के साथ उन्हें आर्थिक प्रोत्साहन और रोजगार के अवसर देने की नीति को इसी दिशा में उठाया गया कदम बताया गया है।
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