बेतिया। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के शिकारपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मढ़िया गांव में मात्र तीन कट्ठा जमीन के टुकड़े को लेकर चल रहा पुराना विवाद एक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया, जिसमें 68 वर्षीय एक बुजुर्ग की जान चली गई और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस सनसनीखेज घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैली हुई है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
ढाई साल पुराना विवाद और हिंसक झड़प
मिली जानकारी के अनुसार, मढ़िया गांव में पिछले करीब ढाई साल से तीन कट्ठा जमीन के मालिकाना हक को लेकर दो पक्षों के बीच रंजिश और विवाद चल रहा था। यह विवाद मंगलवार को उस समय अचानक हिंसक हो गया जब बुजुर्ग दंपती अपनी उसी विवादित जमीन पर काम कर रहा था। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इस हिंसक झड़प में 68 वर्षीय लक्ष्मी चौधरी और उनकी पत्नी को गंभीर चोटें आईं। घटना के तुरंत बाद आनन-फानन में दोनों घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने की पूरी कोशिश की।
इलाज के दौरान बुजुर्ग की मौत
अस्पताल में इलाज के दौरान 68 वर्षीय लक्ष्मी चौधरी ने दम तोड़ दिया। सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में लगी गंभीर चोटें उनके लिए जानलेवा साबित हुईं। बुजुर्ग की मौत की खबर मिलते ही उनके घर में कोहराम मच गया और परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक तरफ जहां परिवार अपने घर के मुखिया को खोने के गम में डूबा हुआ है, वहीं दूसरी ओर गंभीर रूप से घायल पत्नी की नाज़ुक हालत ने पूरे परिवार की चिंता और बढ़ा दी है। डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है।
पुलिस की कार्रवाई और छापेमारी जारी
घटना की सूचना मिलते ही शिकारपुर थाना पुलिस हरकत में आ गई और तुरंत मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस मामले में मुख्य आरोपियों में से एक साहेब पासवान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के दिन विवाद की असली शुरुआत कैसे हुई और मारपीट में कुल कितने लोग शामिल थे। इसके अलावा, इस घटना में संलिप्त अन्य फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
भूमि विवादों के गंभीर परिणाम पर एक बार फिर सवाल
यह दर्दनाक घटना एक बार फिर इस कड़वी सच्चाई को सामने लाती है कि जमीन-जायदाद के छोटे-छोटे विवाद किस तरह से जानलेवा साबित हो सकते हैं। जिस मसले को आपसी बातचीत, पंचायत या फिर कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सुलझाया जा सकता था, उसने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। फिलहाल, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और फरार आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

