औरंगाबाद। जिले में बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने अपनी 13 सूत्री मांगों के समर्थन में शहर के दानी बिगहा के समीप एक दिवसीय भूख हड़ताल की। जिला अध्यक्ष डॉ. मधेश्वर सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने हिस्सा लिया और शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर उनकी समस्याओं की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया।
लंबित वेतन भुगतान और भ्रष्टाचार का आरोप
कार्यक्रम की अध्यक्षता रामाशीष प्रसाद ने की। भूख हड़ताल के दौरान शिक्षकों ने लंबित वेतन और अन्य बकाए के शीघ्र भुगतान की पुरजोर मांग उठाई। जिला अध्यक्ष डॉ. मधेश्वर सिंह ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा विभाग शिक्षकों की समस्याओं के प्रति बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर समाधान की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
शिक्षकों ने शिक्षा विभाग पर भ्रष्टाचार का खुला आरोप लगाया। उनका कहना था कि सामान्य कार्यों के लिए भी शिक्षकों को विभागीय कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं और बिना रिश्वत के कोई काम नहीं होता है। शिक्षकों ने मांग की कि सभी लंबित मामलों का पारदर्शी तरीके से निष्पादन किया जाए।
प्रमुख मांगें और प्रशासनिक उदासीनता
आंदोलन के दौरान निम्नलिखित प्रमुख मांगों को प्रमुखता से उठाया गया:
- प्रधान शिक्षक नियुक्ति: वर्ष 2023 में स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों को प्रधान शिक्षक के पद पर नियुक्ति के लिए स्थापना समिति से अनुमोदन की प्रक्रिया जल्द पूरी हो।
- वेतन और अनुदान बकाया: विभिन्न कोटि के शिक्षकों के कई महीनों के लंबित वेतन का भुगतान हो और नियोजित शिक्षकों के 58 महीनों के यूटीआई का सरकारी अनुदान शीघ्र जमा किया जाए।
- सेवा पुस्तिका और भत्ते: अंतर जिला से स्थानांतरित विद्यालय अध्यापकों की अपूर्ण सेवा पुस्तिका का नए पदस्थापित जिले में संधारण हो तथा नियमानुसार मकान किराया भत्ता प्रदान किया जाए।
- कार्यालय कार्यप्रणाली: जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में शिक्षकों द्वारा दिए जाने वाले आवेदनों के समाधान के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की जाए।
- अन्य योजनाएं: परिभ्रमण मद की राशि विद्यालयों के खातों में भेजी जाए, पीएम पोषण योजना के तहत छात्रों की उपस्थिति दोपहर 12 बजे तक दर्ज करने की अनुमति मिले और शिक्षा सेवकों तथा तालीम मरकज के मानदेय का भुगतान जल्द हो।
चेतावनी और भविष्य की रणनीति
भूख हड़ताल में राज्य महासचिव प्रदीप कुमार, राज्य सचिव नागेंद्र सिंह, नवल किशोर, रंजीत कुमार, रतन, मनोज कुमार सिंह, रविंद्रनाथ किशोर, अनिल कुमार, श्यामदेव राम, राम प्रवेश प्रसाद, अवधेश सिंह, नंदलाल कुमार और राधा लाल पंडित सहित कई शिक्षक शामिल रहे।
शिक्षकों ने अंत में चेतावनी दी कि यदि उनकी इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।


