Dharm Desk – नवरात्रि के नौ दिनों में मां की आराधना करने के बाद कलश और उसके ऊपर रखे हुए नारियल को लेकर अधिकतर लोगों में असमंजस की स्थिति रहती है कि अब इसे क्या करना चाहिए? घरों में मां के नाम की अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाती है और पूरी श्रद्धा के साथ अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन एवं हवन संपन्न किया जाता है। जैसे ही नवमी तिथि समाप्त होती है। माता की विदाई का समय आता है। तो हर भक्त के मन में यह मुख्य जिज्ञासा होती है कि अब कलश, नारियल, चावल और अन्य पूजा सामग्री का क्या किया जाना चाहिए ।

अक्सर लोग यह गलती कर बैठते हैं कि नवरात्रि में इस्तेमाल की गई हवन की राख, फूल और अन्य पूजा सामग्री को कचरे में फेंक देते हैं। जो कि सही नहीं है। जितनी भी पूजा सामग्री का उपयोग किया हुआ है। उसको व्यर्थ ही बर्बाद नहीं करना चाहिए। इन सभी पवित्र सामग्रियों को किसी बहती हुई नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए या किसी पवित्र वृक्ष के नीचे रख देना चाहिए। ऐसा करने से व्रत और पूजन का पूरा फल प्राप्त होता है और माता रानी की कृपा से घर-परिवार में हमेशा सुख, शांति और वैभव बना रहता है।

कलश विसर्जन और क्षमा प्रार्थना की सरल विधि

  1. नवरात्र का हवन और कन्या पूजन संपन्न होने के बाद सबसे पहले देवी भगवती के चरणों में नमन करते हुए क्षमा प्रार्थना करनी चाहिए।
  2. पूजा-पाठ के दौरान अनजाने में हुई किसी भी भूल-चूक, मंत्र की अशुद्धि या सेवा में कमी के लिए सच्चे मन से माता से क्षमा मांगें।
  3. इसके बाद जहां पर आपने कलश की स्थापना करी थी।उस स्थान से कलश को थोड़ा सा खिसका दीजिए।
  4. कलश पर रखे नारियल को आदरपूर्वक उठाएं। इस नारियल को अपने घर के मंदिर में सुरक्षित रख सकते हैं।
  5. कलश के नीचे रखे चावल उसके अंदर का पवित्र जल और सिक्का जीवन में सुख-समृद्धि लाने का कार्य करते हैं।अगर इनका सही स्थान पर उपयोग किया जाए।
  6. कलश के नीचे जो कटोरी में चावल रखे होते हैं। उन्हें पूरे घर में हर जगह छिड़क दें। इसके प्रभाव से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता का वास होता है।
  7. आम के पत्तों के सहारे कलश के पवित्र जल को घर के आंगन, हर कमरे, घर के बाहर तथा व्यापारिक प्रतिष्ठान के अंदर व बाहर अच्छी तरह छिड़क दीजिए। ऐसा करने से पूरे घर और कार्यक्षेत्र पर माता रानी की कृपा हमेशा बनी रहती है।
  8. कलश में बचा हुआ जल तुलसी जी के पौधे में अर्पित कर देना बहुत शुभ होता है।
  9. कलश के अंदर जो सिक्का रखा जाता है उसे अपने पर्स में रख लीजिए या जहां पर आप घर में पैसे रखते हैं उस तिजोरी में रख दें।
  10. यदि आपका कोई व्यापार का गल्ला है तो वहां पर रख देने से पूरे साल आपके घर में कभी भी पैसों की कमी नहीं होती है। जितनी भी पूजा सामग्री का आपने इस्तेमाल किया हुआ है, उसको व्यर्थ ही यूं ही बर्बाद न करें। इन सभी पवित्र सामग्रियों को किसी बहती हुई नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए या किसी पवित्र वृक्ष के नीचे रख देना चाहिए। ऐसा करने से व्रत और पूजन का पूरा फल प्राप्त होता है और माता रानी की कृपा से घर-परिवार में हमेशा सुख, शांति और वैभव बना रहता है।