Dharm Desk : श्राद्ध पक्ष के 16 दिन हमारे पूर्वजों के प्रति सम्मान कृतज्ञता और तर्पण अर्पित करने का होता है। इन दिनों में पितर किसी न किसी रूप में अपने परिजनों के पास आते हैं, उन्हें अपना आर्शीवाद देते हैं, लेकिन अधिकतर जाने-अनजाने में किचन से जुड़ी कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं। जिससे पितृ की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। जिससे घर में सुख-समृद्धि प्रभावित हो सकती है और पितर दुखी हो सकते हैं। किचन को घर की सबसे पवित्र जगह मानते है। इसलिए श्राद्ध पक्ष के दौरान यहां किए जाने वाले कार्यों का सीधा असर घर की शांति और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। इस दौरान खाना बनाने और रख-रखाव से जुड़ी तीन मुख्य सावधानियां विशेष रूप से ध्यान देनी चाहिए।

आटे पर उंगलियों के निशान बनाना जरूरी
जब भी रोटी बनाने के लिए आटा गूंथें तो उसे कभी भी गोल बनाकर नहीं रखना चाहिये। गूंथने के बाद उस पर अपनी उंगलियों के निशान जरूर बनाना चाहिए। गोल आटा ‘पिंड’ का रूप माना जाता है। इसलिए आटे पर उंगलियों की छाप यह दर्शाती है कि यह भोजन परिवार के जीवित लोगों के उपभोग के लिए तैयार किया गया है।
बचे हुए आटे को लंबे समय तक न रखें
श्राद्ध पक्ष के दौरान बचा हुआ आटा फ्रिज में रखकर बाद में उपयोग करने से बचना चाहिए। शास्त्रों और लोक मान्यताओं के अनुसार, फ्रिज में रखा गोल अथवा बासी आटा पिंड सदृश माना जाता है। ऐसा आटा घर में रखने से नकारात्मक ऊर्जा, दरिद्रता और मानसिक परेशानियां बढ़ने की बात कही जाती है। संभव हो से तो उतना ही आटा गूंथें जितनी आवश्यकता है। बचे हुए आटे की रोटियां बनाकर रख दें।
रसोई में पितरों के नाम रोटी रखना क्यों खास माना जाता है
रात को सोने से पहले किचन में एक रोटी थोड़ी सब्जी और एक गिलास साफ पानी ढंककर पितरों के नाम से जरूर रखें। रात के समय पितर किचन में आकर इसे ग्रहण करते है। जिससे वे तृप्त और खुश होते हैं। इसके फलस्वरूप परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।


