अयोध्या. समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने अग्निवीर योजना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने अग्निवीरों की सेवा अवधि दो साल बढ़ाए जाने को बेकार बताया. उनका कहना है कि इससे युवाओं को स्थायी नौकरी नहीं मिलेगी.
उन्होंने कहा कि केंद्र में पहले 2027 में उत्तर प्रदेश और फिर देश में सपा की सरकार बनेगी. इसके बाद अग्निवीर जैसी व्यवस्था को 24 घंटे के अंदर खत्म कर दिया जाएगा. सेना में पहले की तरह स्थायी भर्ती शुरू होगी. उन्होंने सवाल उठाया कि छह साल की सेवा के बाद युवा क्या करेंगे?
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2027 के बाद केंद्र में भी सरकार बनाने का दावा
अवधेश प्रसाद ने कहा कि सेना में भर्ती होकर छह साल बाद युवाओं के सामने रोजगार का सवाल खड़ा होगा. उनके मुताबिक, सेना की नौकरी स्थायी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पुरानी भर्ती व्यवस्था बहाल की जाएगी. इससे युवाओं को सेना में लंबे समय तक सेवा करने का मौका मिलेगा. उन्होंने भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास का भी जिक्र किया.
अग्निवीरों के लिए क्या है नया फैसला?
केंद्र सरकार ने अग्निवीरों की सेवा अवधि को लेकर नया रास्ता बनाया है. 4 नवंबर को केंद्रीय कैबिनेट ने फैसला किया कि पहले की तरह 25 प्रतिशत अग्निवीरों को योग्यता के आधार पर नियमित सेवा का मौका मिलेगा. बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी इच्छा पर दो साल की अतिरिक्त सेवा दी जाएगी. इसके बाद उन्हें भी नियमित सैनिक बनने का अवसर मिलेगा. हालांकि, इसके लिए उनकी सहमति और तय चयन मानदंडों को पूरा करना जरूरी होगा. दूसरी सेवा अवधि में ज्यादा वेतन, बढ़ी हुई सेवा निधि और वरिष्ठता का लाभ भी मिलेगा.
अग्निवीरों को मिलती हैं ये सुविधाएं
अग्निपथ योजना के तहत पहले साल अग्निवीरों को 30 हजार रुपये मासिक पैकेज मिलता है. यह चौथे साल तक बढ़कर 40 हजार रुपये हो जाता है. पैकेज का 70 प्रतिशत हिस्सा हाथ में मिलता है और 30 प्रतिशत अग्निवीर कॉर्पस फंड में जमा होता है. सरकार भी इसमें बराबर योगदान देती है. चार साल बाद ब्याज सहित करीब 11.71 लाख रुपये सेवा निधि के रूप में मिलते हैं. यह रकम आयकर से मुक्त है. इसके अलावा 48 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर और लागू जोखिम व कठिनाई भत्ते मिलते हैं. उन्हें सैन्य प्रशिक्षण और कौशल प्रमाणपत्र भी दिया जाता है. हालांकि, मूल योजना में चार साल बाद पेंशन और ग्रेच्युटी का प्रावधान नहीं है.
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स्थायी भर्ती बहाल करने की मांग
अवधेश प्रसाद ने कहा कि अग्निवीर व्यवस्था खत्म कर सेना में पहले की तरह भर्ती शुरू की जाएगी. उनके मुताबिक, युवाओं को स्थायी नौकरी और देश की सेवा का अवसर मिलना चाहिए.

