राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। लिटरेचर फेस्टिवल में रखे गए ‘बाबर क्वेस्ट फॉर हिंदुइज्म’ सत्र को निरस्त कर दिया है। साहित्य प्रेमियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताया है। पत्र में साहित्य प्रेमियो ने लिखा कि पहले भी एक सत्र को निरस्त कराना पड़ा था। एक बार फिर निरस्त कराना पड़ा। भारत भवन उपयोग की नीतियों पर संज्ञान लिया जाए। 

उन्होंने कहा कि भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल जो मप्र शासन के संस्कृति विभाग के भारत भवन में आयोजित हो रहा है के एक सत्र (Babur, The Quest for Hindustan) को लेकर मप्र के आम जन एवं साहित्यकारों में रोष हुआ था। आक्रांता बाबर की दृष्टि से भारत की खोज करवाने का यह उपक्रम निश्चित ही आपकी सांस्कृतिक नीतियों के विरुद्ध था। प्रदेश के सब संस्कृति कर्मियों के विरोध के स्वर को आपने बल देकर उक्त सत्र निरस्त कराने का उपक्रम करके हम सब को संबल प्रदान किया है। हम सभी हृदय से आपके प्रति आभार व्यक्त करते हैं।

हमारी यह भी भावना है कि पूर्व में भी इसी आयोजन के एक सत्र को निरस्त कराया गया और पुनः इस आयोजन में यही प्रक्रिया दोहराई गई। इस प्रक्रिया को बल देने वाले तत्वों को चिन्हित किया जाए जो प्रदेश की संस्कृति नीति के विरुद्ध इस तरह के आयोजन प्रतिवर्ष सरकारी सहयोग और भागीदारी से करवाते हैं। हमारा आग्रह है कि भारत भवन के परिसर के उपयोग की तानाशाही पूर्ण नीतियों के विरुद्ध आपका संज्ञान होना चाहिये। भविष्य में इस तरह की प्रवतियां बलवती न हो और इस तरह के भावनाएं आहत करने वाले आयोजन मप्र शासन के संरक्षण में सम्पन्न न हो यह भी सुनिश्चित करेंगे तो प्रसन्नता होगी।

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