परवेज आलम/बगहा। बिहार के बगहा स्थित व्यवहार न्यायालय ने आर्म्स एक्ट के एक पुराने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए एक अभियुक्त को सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को न केवल जेल की सजा दी, बल्कि आर्थिक दंड से भी दंडित किया है। इस फैसले के बाद से क्षेत्र के अपराधियों और जेल में बंद कैदियों के बीच हड़कंप का माहौल है।
न्यायालय का आदेश और अर्थदंड
सिविल कोर्ट बगहा के अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी रामप्रीत दास ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद फैसला सुनाया। कोर्ट ने हरपुर मुजैना निवासी सुनील शर्मा को दोषी पाते हुए तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, दोषी पर 3,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यदि दोषी जुर्माना भरने में विफल रहता है, तो उसे एक महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला साल 2022 का है, जो नदी थाना कांड संख्या 49/22 के रूप में दर्ज था। घटना के दिन तत्कालीन पुलिस अवर निरीक्षक नंदलाल पासवान के नेतृत्व में पुलिस टीम वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध बाइक को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक पुलिस को देख गाड़ी छोड़कर भागने लगा।
तलाशी में मिला देसी कट्टा
पुलिस जवानों ने तत्परता दिखाते हुए बाइक पर पीछे बैठे व्यक्ति (सुनील शर्मा) को खदेड़कर पकड़ लिया, जबकि चालक गन्ने के खेत का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा। जब पकड़े गए व्यक्ति की तलाशी ली गई, तो उसके पास से एक देसी तमंचा (कट्टा) बरामद हुआ। पुलिस ने तत्काल शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अब साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने उसे अपराधी करार देते हुए सजा मुकर्रर की है।
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