बल्लभगढ़। फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में धनतेरस पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 397 दर्ज किया गया। इसके साथ बल्लभगढ़ देश का दूसरा सबसे प्रदूषित क्षेत्र रहा। उत्तर प्रदेश के गजरौला में सबसे ज्यादा 407 AQI दर्ज हुआ। धनतेरस पर दिल्ली-आगरा हाईवे समेत शहर की 20 से अधिक जगहों पर घंटों जाम लगा। इसके अलावा आगरा नहर सड़क किनारे कूड़ा जलने से भी प्रदूषण बढ़ रहा है।

फरीदाबाद का कुल AQI 313 रहा, जो बेहद खराब श्रेणी में है। प्रदूषण के कारण दिनभर हल्की धुंध छाई रही। दोपहिया वाहन चालकों को आंखों में जलन की परेशानी हुई।

फरीदाबाद के किन इलाकों में कितना रहा AQI?

शहर के अलग-अलग इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर ऊंचा दर्ज किया गया। सेक्टर-30 में AQI 352, सेक्टर-11 में 302 और एनआईटी में 286 रहा। धनतेरस पर दिल्ली का AQI 382, गुरुग्राम का 368, ग्रेटर नोएडा का 318, नोएडा का 303 और गाजियाबाद का 257 दर्ज किया गया। हरियाणा के दूसरे शहरों में भी हवा की गुणवत्ता खराब रही। कैथल में AQI 378, भिवानी में 353, हिसार में 333 और बहादुरगढ़ में 328 दर्ज किया गया। राज्य में बल्लभगढ़ सबसे प्रदूषित क्षेत्र रहा।

दिल्ली-आगरा हाईवे समेत 20 से ज्यादा जगह जाम

धनतेरस पर दिवाली की खरीदारी के चलते फरीदाबाद की सड़कों और बाजारों में वाहनों का दबाव बढ़ गया। दिल्ली-आगरा हाईवे पर सरायख्वाजा, एनएचपीसी चौक, अजरोंदा और बड़खल मेट्रो मोड़ समेत 20 से अधिक जगहों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। एनआईटी, नीलम-बाटा रोड, ओल्ड फरीदाबाद, बल्लभगढ़, पल्ला और खेड़ीपुल में भी घंटों जाम रहा। कई जगह ट्रैफिक लाइट खराब होने और पुलिस के इंतजाम नाकाफी रहने से लोगों को परेशानी हुई।

आगरा नहर किनारे जल रहा कूड़ा भी बढ़ा रहा प्रदूषण

शहर में वाहनों के दबाव के साथ आगरा नहर सड़क के किनारे कूड़ा जलने से भी हवा प्रदूषित हो रही है। जाम और कूड़े के धुएं के बीच बल्लभगढ़ का AQI 397 तक पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा प्रदूषण स्तर पर लोग रोज करीब आठ सिगरेट के बराबर जहरीला धुआं सांस के जरिए शरीर में ले रहे हैं।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m