Business Desk – Bandhan Bank Share : प्राइवेट सेक्टर के बंधन बैंक के शेयर में मंगलवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। खबर लिखे जाने तक शेयर 7% से ज्यादा की बढ़त के साथ 169 रुपए पर कारोबार कर रहा था। शेयर में यह तेजी उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आई है, जिनमें दावा किया गया है कि अबू धाबी की निवेश कंपनी इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) बैंक की प्रमोटर कंपनी बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (BFSL) में हिस्सेदारी खरीदने के लिए शुरुआती बातचीत कर रही है।

क्या है IHC?

इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) अबू धाबी की एक निवेश कंपनी है। इसका मालिकाना हक शेख तहनून बिन जायद अल नाहयान के पास है, जो अबू धाबी के उप शासक और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के पास बंधन बैंक की एक तिहाई से कुछ ज्यादा हिस्सेदारी है। ऐसे में प्रमोटर कंपनी में निवेश की संभावित डील का असर बैंक के शेयर पर भी देखने को मिल रहा है।

निवेशकों की तलाश में बंधन के फाउंडर

बंधन बैंक के संस्थापक चंद्र शेखर घोष के नेतृत्व वाली बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड निवेश सलाहकार कंपनी जेफरीज के साथ मिलकर नए निवेशकों की तलाश कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी में 25% से 32% तक हिस्सेदारी बेचने के लिए संभावित निवेशकों से बातचीत की जा रही है।

GIC और IFC को मिल सकता है निवेश बेचने का मौका

इस संभावित सौदे से सिंगापुर की सरकारी निवेश कंपनी GIC और इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IFC) को बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज में अपनी कुछ या पूरी हिस्सेदारी बेचने का मौका मिल सकता है। दोनों निवेशकों ने एक दशक से ज्यादा समय से कंपनी में निवेश किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च के अंत में GIC और IFC के पास मिलाकर BFSL की 30.3% हिस्सेदारी थी। दोनों निवेशक अपने शेयरों का कुछ हिस्सा या पूरी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रहे हैं। उनकी संयुक्त हिस्सेदारी की अनुमानित कीमत 500 मिलियन से 600 मिलियन डॉलर के बीच हो सकती है।

दूसरे निवेशक भी बेच सकते हैं हिस्सेदारी

बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज में कई दूसरे निवेशकों की भी हिस्सेदारी है। स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) के पास कंपनी का 8.1% हिस्सा है। फाइनेंशियल इंक्लूजन ट्रस्ट और नॉर्थ ईस्ट फाइनेंशियल इंक्लूजन ट्रस्ट की संयुक्त हिस्सेदारी 40.7% है। वहीं, बंधन एम्प्लॉइज वेलफेयर ट्रस्ट के पास 14.6% हिस्सा है।

अगर इनमें से अन्य निवेशक भी अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला करते हैं, तो संभावित सौदे का आकार काफी बड़ा हो सकता है। हालांकि, अभी यह बातचीत शुरुआती दौर में बताई जा रही है और किसी अंतिम समझौते की पुष्टि नहीं हुई है।

2030 तक हिस्सेदारी घटानी है

जून के अंत तक बंधन फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड के पास बंधन बैंक की 37.5% हिस्सेदारी थी। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के लाइसेंस की शर्तों के मुताबिक, कंपनी को 2030 तक बैंक में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 26% करनी होगी। हिस्सेदारी घटाने की यह जरूरत भी संभावित निवेश सौदे के लिए अहम हो सकती है।

खाड़ी देशों के निवेशकों से भी बातचीत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी में हिस्सेदारी बेचने के लिए खाड़ी देशों के बैंकों और सरकारी निवेश कोषों से भी बातचीत कर रही है। संभावित निवेशकों में फर्स्ट अबू धाबी बैंक और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।

इसके अलावा कार्लाइल और EQT जैसी प्राइवेट इक्विटी कंपनियों पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, इन संभावित निवेशकों के साथ बातचीत और सौदे की शर्तों को लेकर अभी अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।