Baran Food Safety Officer Controversy: राजस्थान के बारां में दीपावली के दौरान मिलावट के संदेह पर खाद्य पदार्थों की जांच के बीच विवाद खड़ा हो गया। व्यापारियों ने फूड सेफ्टी ऑफिसर बाबूलाल तगाया पर कार्रवाई के नाम पर अवैध वसूली करने का आरोप लगाते हुए प्रताप चौक पर प्रदर्शन किया। व्यापारियों का दावा है कि उनसे सैंपल लेने और जांच कराने के बजाय पैसे मांगे जा रहे थे। हंगामे और शिकायतों के बाद अधिकारी को बारां से हटाकर करौली के लिए रिलीव कर दिया गया। हालांकि, अधिकारी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है।

व्यापारियों ने लगाए 5 हजार से एक लाख रुपये तक वसूली के आरोप

बारां व्यापार संघ के अध्यक्ष योगेश कुमार बाटा ने बताया कि शुक्रवार को व्यापारियों ने जिला कलेक्टर बालमुकुंद असावा से मुलाकात कर फूड सेफ्टी ऑफिसर बाबूलाल तगाया की शिकायत की थी। उनका आरोप था कि अधिकारी कलेक्टर, फूड सेफ्टी कमिश्नर, सीएमएचओ और अन्य अधिकारियों के नाम पर पैसे मांग रहे थे।

बाटा के मुताबिक, व्यापारियों ने अधिकारी से कहा था कि यदि खाद्य पदार्थों के नमूने लेने हैं तो सैंपल लेकर जांच कराई जाए, लेकिन आरोप है कि कार्रवाई करने के बजाय पैसे मांगे जा रहे थे। व्यापारियों की कलेक्टर से मुलाकात के बाद भी सहमति नहीं बन पाई।

भामाशाह मंडी के क वर्ग व्यापार संघ के अध्यक्ष मनीष लश्करी ने आरोप लगाया कि जिले के व्यापारियों से 5 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की वसूली की जा रही थी। उन्होंने कहा कि कलेक्टर से शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ तो व्यापारी एकजुट होकर प्रताप चौक पहुंचे और विभाग तथा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। व्यापारियों ने बारां बंद का निर्णय लेने की बात भी कही।

फूड सेफ्टी ऑफिसर बोले- मिलावट रोकने के अभियान का कर रहे थे पालन

खाद्य सुरक्षा अधिकारी बाबूलाल तगाया ने व्यापारियों के आरोपों को झूठा बताया। उनका कहना है कि दीपावली के मौके पर सरकार के विशेष अभियान के तहत खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापारी कार्रवाई में सहयोग करने के बजाय एकजुट होकर उन पर आरोप लगा रहे हैं।

तगाया के अनुसार, तीन दिन पहले वह बारां में एक परचूनी की दुकान पर कार्रवाई करने गए थे। इसी दौरान व्यापार संघ अध्यक्ष योगेश कुमार बाटा का फोन आया। अधिकारी का दावा है कि बाटा ने पूरे जिले में कार्रवाई करने और केवल बारां शहर को इससे बाहर रखने की बात कही थी।

तगाया ने बताया कि उन्होंने सरकार के अभियान का हवाला दिया, लेकिन व्यापारी उनकी बात मानने को तैयार नहीं थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले भी दो से तीन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को हंगामे के बाद एपीओ कराया जा चुका है। उनके मुताबिक, व्यापारी नहीं चाहते कि मिलावट पर रोक लगे।

अतिरिक्त प्रभार पर थे बाबूलाल तगाया, करौली के लिए किया रिलीव

विवाद के बाद फूड सेफ्टी ऑफिसर बाबूलाल तगाया को बारां से हटा दिया गया। बारां के कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सीताराम वर्मा ने बताया कि तगाया कार्य व्यवस्था के तहत बारां में तैनात थे। उच्च अधिकारियों के आदेश पर उन्हें रिलीव कर दिया गया है।

व्यापारियों के मुताबिक, जिला कलेक्टर के निर्देश के बाद सीएमएचओ ने उन्हें बारां से हटाने के आदेश जारी किए। उनके पास बारां का अतिरिक्त प्रभार था और अब उन्हें करौली के लिए रिलीव किया गया है। इस पूरे मामले में व्यापारियों ने अवैध वसूली के आरोप लगाए हैं, जबकि अधिकारी ने इन्हें खारिज करते हुए कार्रवाई में बाधा डालने का आरोप लगाया है।

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