कुंदन कुमार, पटना। 23 अक्टूबर 2026 को एसोसिएशंस ऑफ सर्जन्स ऑफ़ इंडिया के 45वें तीन दिवसीय वार्षिक अधिवेशन (BASICON 2026) का भव्य शुभारंभ हो गया। आयोजन सचिव डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि सम्मेलन के पहले दिन आईजीआईएमएस, पटना के तत्वाधान में एक जीवंत (लाइव) कार्यशाला आयोजित की गई, जिसका सीधा प्रसारण ऊर्जा ऑडिटोरियम में किया गया। इस कार्यशाला में देश भर से आए विशेषज्ञों ने लगभग 15 प्रकार की जटिल लेप्रोस्कोपिक, एंडोस्कोपिक और रोबोटिक सर्जरीज का सजीव प्रदर्शन किया।

​देश के ख्यातिलब्ध सर्जनों द्वारा आधुनिक तकनीकों का सजीव प्रदर्शन

​कार्यशाला के दौरान नई दिल्ली से आए डॉ. लक्षित तोमर ने दूरबीन (लेप्रोस्कोपिक) विधि से पित्त की थैली का ऑपरेशन कर सर्जनों को इसकी बारीकियों और दौरान आने वाली जटिलताओं के समाधान समझाए। वहीं, वापी (गुजरात) के डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने पेट के विभिन्न हर्निया का TEP, TAPP, E–TEP और हाइब्रिड मोड तकनीकों से सफल ऑपरेशन किया। डॉ. राजेश ने स्पष्ट किया कि हर्निया की तकनीक का चयन मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है।

​आईजीआईएमएस के सर्जनों का उल्लेखनीय योगदान

​आईजीआईएमएस, पटना के डॉ. संजय कुमार ने अकलेजिया कार्डिया (सीने में खाना अटकने या उल्टी होने की बीमारी) का दूरबीन से ‘लैप हेलर मायोमेकटोमी टूपे’ विधि द्वारा सफल ऑपरेशन किया, जिससे मरीज 24 घंटे में डिस्चार्ज हो जाता है। वहीं, डॉ. साकेत कुमार ने रेक्टल प्रोलैप्स (मलद्वार बाहर आना) का लेप्रोस्कोपिक तकनीक से ऑपरेशन कर राहत की जानकारी दी।

​रोबोटिक सर्जरी और एंडोस्कोपिक प्रशिक्षण

​डॉ. पी.के. झा एवं डॉ. राकेश कुमार सिंह ने रोबोटिक तकनीक से पित्त की थैली, नली और हर्निया के ऑपरेशन करके दिखाए। उन्होंने बताया कि इस नवीनतम विधि में कम रक्तस्राव होता है और रिकवरी बेहद तेज होती है। इसके अलावा, गैस्ट्रो मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार झा ने सर्जनों व पीजी छात्रों को एंडोस्कोपिक विधि का हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया, जिससे पाचन तंत्र की जटिल बीमारियों के इलाज में मदद मिलेगी।

​दिग्गज चिकित्सकों की गरिमामयी उपस्थिति

​इस अवसर पर ए.एस.आई. अध्यक्ष डॉ. बी.एन. चौधरी, डॉ. आलोक अभिजीत, डॉ. मनीष मंडल, डॉ. संजय कुमार, डॉ. साकेत कुमार, डॉ. राकेश कुमार सिंह, डॉ. अमरजीत कुमार राज सहित बिहार के कई जाने-माने सर्जन मौजूद रहे।