Bastar News Update : जगदलपुर। बस्तर जिले में जीवन रक्षक मानी जाने वाली 108 एंबुलेंस सेवा आज खुद गंभीर हालत में है। दूर-दराज के गांवों तक समय पर इलाज पहुंचाने का दावा अब कागजों में सिमटता दिख रहा है। 6 एंबुलेंस में से सिर्फ 2 ही किसी तरह चल रही हैं। बाकी 4 वाहन बार-बार खराब होकर रास्ते में दम तोड़ दे रही हैं। चारों ब्लॉकों में आपात सेवा लगभग ठप हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि कॉल करने के बाद भी एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंचती। रिस्पॉन्स टाइम 1 घंटे की जगह 2.5 से 3 घंटे तक पहुंच गया है। कई मामलों में वाहन रास्ते में ही बंद हो जा रही हैं। ऑक्सीजन सपोर्ट, टायर और इंजन तक जर्जर हालत में हैं। निजी कंपनी के भरोसे चल रही सेवा पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग भी कंपनी की कार्यशैली से परेशान नजर आ रहा है। गंभीर मरीजों को निजी साधनों से अस्पताल ले जाना मजबूरी बन गया है। नए वाहनों की मांग भेजी गई है, लेकिन जमीनी सुधार अभी दूर है।

फागुन मेले में आस्था का खजाना

दंतेवाड़ा। फागुन मेले में इन दिनों आस्था और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। अलग-अलग गांवों से लाई गई गुल्लकों को लगातार फोड़ा जा रहा है। 22 फरवरी से शुरू यह परंपरा अब अपने अंतिम चरण में है।
अब तक 839 गुल्लक फोड़ी जा चुकी हैं। एक हजार गुल्लक फोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। इन गुल्लकों में सालभर भक्तों द्वारा चढ़ाई गई राशि जमा रहती है।मेले के विदाई समय गांव-गांव गुल्लक दी जाती है। ग्रामीण इन्हें मंदिर में सुरक्षित रखते हैं। सालभर की श्रद्धा फागुन मेले में मां को अर्पित होती है। हजारों ग्रामीण हर साल इस परंपरा में शामिल होते हैं। यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, सामाजिक एकता का प्रतीक भी है।
मेले में हर दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। परंपरा आज भी पूरी आस्था के साथ निभाई जा रही है।

रेलवे काम से जल संकट

दंतेवाड़ा। रेलवे दोहरीकरण का काम अब ग्रामीणों के लिए संकट बनता जा रहा है। भांसी क्षेत्र में ब्रिज निर्माण के दौरान नाले की खुदाई कर दी गई। खुदाई से नाले का साफ पानी मटमैला और लाल हो गया। तीन गांवों की जीवनरेखा अब दूषित हो चुकी है। ग्रामीणों को पीने और नहाने का पानी तक नहीं मिल पा रहा। इसी पानी से खेतों की सिंचाई भी होती थी। दूषित पानी से फसल और मवेशी दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। ठेकेदार से बात कर फिलहाल काम रोकने की मांग उठी है। मवेशी मजबूरी में गंदा पानी पी रहे हैं। ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रशासन और रेलवे पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। अब समाधान की जिम्मेदारी विभागों पर टिकी है।

राशन दुकानों पर सख्त कार्रवाई

जगदलपुर। सरकारी राशन वितरण में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई हुई है। खाद्य विभाग ने 6 राशन दुकानदारों को निलंबित किया है। कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मच गया है। लगातार शिकायतों के बाद जांच कर कार्रवाई की गई। जांच में राशन शॉर्टेज की पुष्टि हुई। पिछले साल 66 दुकानों में शॉर्टेज सामने आया था।
हर ब्लॉक में कार्रवाई की जिम्मेदारी एसडीएम को दी गई है। समय पर राशन या पैसा जमा नहीं किया गया। कुछ दुकानदारों पर पहले भी चेतावनी दी गई थी। आने वाले दिनों में और कार्रवाई संभव है। कई जगह नई एजेंसियों से संचालन कराया जा रहा है। हॉस्टल और छात्रावासों में अब भी चावल नहीं पहुंचा है। देरी को लेकर विभागीय लापरवाही उजागर हुई है।

हेलीपेड निर्माण को लेकर टकराव

बड़े बचेली। हाईस्कूल मैदान में हेलीपेड निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने सैकड़ों की संख्या में एकजुट होकर विरोध किया। ग्रामसभा की अनुमति के बिना निर्माण पर आपत्ति जताई गई। ग्रामीणों का कहना है कि मैदान बच्चों के खेल के लिए जरूरी है। स्थायी निर्माण से मैदान का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। प्रशासन ने इसे प्रशासनिक आवश्यकता बताया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया। ग्रामीण शांत तो हुए, लेकिन विरोध बरकरार है। निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश से नाराजगी बढ़ी। पंचायत प्रतिनिधियों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अनदेखी का आरोप लगाया। सरपंच ने सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी है। आने वाले दिनों में आंदोलन तेज होने के संकेत हैं। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।