Bastar News Update : दंतेवाड़ा। नक्सल प्रभावित जिलों की समीक्षा में दंतेवाड़ा अब सबसे निचली श्रेणी में पहुंच गया है। जिले में नक्सली प्रभाव महज 5.7 प्रतिशत तक सिमट गया है। अब तक 1626 नक्सली मुख्यधारा में लौट चुके हैं। 259 नक्सली मुठभेड़ों में मारे जा चुके हैं। जिले में केवल 8 नक्सली शेष बताए जा रहे हैं। इनमें दो डीवीसीएम रैंक के कैडर शामिल हैं। कभी मलांगिर और कटेकल्याण जैसे इलाके नक्सल गढ़ माने जाते थे। अब किसी भी एरिया कमेटी का सक्रिय कमांडर नहीं बचा है। सरकार की तय डेडलाइन में सिर्फ 30 दिन शेष हैं। पुलिस ने अंतिम चरण का सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। आत्मसमर्पण की अपील लगातार जारी है। प्रशासन संकेत दे चुका है—दंतेवाड़ा अब निर्णायक मोड़ पर है।

मेले की चूक, प्रकृति की कीमत

दंतेवाड़ा। फागुन मेले की रौनक के बीच दंतेवाड़ा में लापरवाही सामने आई। दंतेश्वरी सरोवर किनारे बने पार्क में अचानक आग भड़क उठी। एक के बाद एक 20 पेड़ जलकर खाक हो गए। सूखे पत्तों ने आग को तेजी से फैलाया। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका पर सवाल उठाए। लंबे समय से पेड़ों की छंटाई नहीं हुई थी। फायर ब्रिगेड ने समय रहते आग पर काबू पाया। बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन चेतावनी साफ है। भीड़भाड़ वाले आयोजनों में सतर्कता जरूरी है। हरियाली की अनदेखी भारी पड़ सकती है। प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े हुए हैं। अब जवाबदेही तय करने की मांग उठ रही है।

मिठास में जहर की आशंका

जगदलपुर। होली से पहले जगदलपुर में खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मिठाई दुकानों की जांच की। जलेबी, लड्डू और बर्फी के सैंपल अवमानक पाए गए।।दुकानदारों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया। त्योहार में बढ़ी मांग के साथ मिलावट का खतरा बढ़ता है। पूरे संभाग में केवल एक मोबाइल जांच वैन उपलब्ध है। इससे नियमित निगरानी बाधित होती है। कई सैंपल जांच के लिए रायपुर भेजे गए। रिपोर्ट आने में समय लगता है।
प्रशासन ने सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। स्वास्थ्य से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। त्योहार की मिठास सुरक्षित रखने की चुनौती बरकरार है।

नौकरी के नाम पर ठगी का जाल

जगदलपुर। नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का सनसनीखेज मामला जगदलपुर में सामने आया। आरोपी ने खुद को सुरक्षा एजेंसी का अधिकारी बताया। पीड़ित से 1.80 लाख रुपये ऐंठ लिए। बाद में धमकी देकर बाइक और मोबाइल लूट लिया। शिकायत बोधघाट थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपी को कांकेर से पकड़ा। पूछताछ में ठगी की पूरी साजिश उजागर हुई। फर्जी पहचान बनाकर युवाओं को फंसाया जाता था। यह मामला बेरोजगारी का गलत फायदा उठाने का उदाहरण है। पुलिस ने सतर्क रहने की अपील की है। नौकरी के नाम पर पैसे मांगना सीधा अपराध है। समय पर शिकायत से बड़ा नुकसान टला।

डिजिटल सशक्तिकरण की नई राह

दंतेवाड़ा। ग्रामीण सशक्तिकरण की मिसाल दंतेवाड़ा के धुरली गांव में दिखी। डिजिटल वित्तीय साक्षरता पर विशेष प्रशिक्षण आयोजित हुआ। 100 से अधिक महिलाएं और छात्र शामिल हुए। यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग की जानकारी दी गई। साइबर ठगी से बचाव पर खास जोर रहा। डिजिटल लेन-देन का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। ग्रामीणों में आत्मविश्वास बढ़ा। ऑनलाइन धोखाधड़ी को लेकर जागरूकता आई। डिजिटल इंडिया की सोच जमीनी स्तर तक पहुंची। कार्यक्रम ने तकनीक से जुड़ने का रास्ता खोला। महिलाएं अब लेन-देन में आत्मनिर्भर बन रही हैं। यह बदलाव विकास की मजबूत नींव है।

डर से आत्मनिर्भरता तक

बीजापुर। नक्सल हिंसा से उजड़े परिवारों की उम्मीद बीजापुर में रंग भर रही है। भैरमगढ़ शिविर की महिलाएं हर्बल गुलाल बना रही हैं। पांच वर्षों से यह समूह आत्मनिर्भर बना हुआ है। पालक, टेसू और फूलों से रंग तैयार किया जाता है। हर साल 50 किलो से अधिक गुलाल की बिक्री होती है। हजारों रुपये की आय से परिवार चल रहा है। कभी डर के साए में जीने वाली महिलाएं अब उद्यमी हैं।प्रशासन ने आवास और प्रशिक्षण का सहयोग दिया। ग्राहकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। प्राकृतिक रंगों की मांग ज्यादा है। यह कहानी संघर्ष से सफलता तक की है। नक्सल हिंसा के घावों पर उम्मीद का रंग चढ़ रहा है।

616 साल पुरानी होली की परंपरा

जगदलपुर। बस्तर की सांस्कृतिक पहचान जगदलपुर में फिर जीवंत होगी। माड़पाल में 616 साल पुरानी होलिका दहन परंपरा निभेगी। रियासतकालीन विधि-विधान से आयोजन होगा। राजपरिवार के पूर्व सदस्य परंपरा में शामिल होंगे। लकड़ी के रथ पर परिक्रमा की जाएगी। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होलिका प्रज्वलित होगी। यह केवल त्योहार नहीं, आस्था का प्रतीक है। दो अलग-अलग होलिका जलाई जाती हैं। एक माता मावली को, दूसरी भगवान जगन्नाथ स्वरूप को। रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। ढोल-नगाड़ों से माहौल गूंजेगा। बस्तर की पहचान फिर से सामने आएगी।

नक्सलवाद अंतिम सांसों पर

बीजापुर। नक्सल विरोधी अभियानों में बीजापुर बड़ी सफलता की ओर बढ़ रहा है। अब केवल 5 से 10 प्रतिशत माओवादी शेष बताए गए हैं। 2024 से 2026 के बीच 234 नक्सली मारे गए। 1181 गिरफ्तार किए जा चुके हैं। 918 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। कई शीर्ष और कुख्यात कैडर ढेर हुए हैं। मोबाइल टावर, सड़क और बिजली पहुंचाई गई। सुरक्षा के साथ विकास पर फोकस रहा। युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा गया। 31 मार्च तक नक्सलवाद खत्म करने का भरोसा जताया गया। प्रशासन आत्मविश्वास से भरा है। बीजापुर शांति की ओर बढ़ रहा है।

सुरक्षित होली के लिए सख्त पहरा

जगदलपुर। होली के मद्देनज़र जगदलपुर में सुरक्षा चक्र मजबूत किया गया है। 2 मार्च से लगातार गश्त शुरू होगी।
नशे में वाहन चलाने पर जीरो टॉलरेंस लागू है। तेज रफ्तार और ट्रिपल लोडिंग पर कार्रवाई होगी। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात है। पुराने बदमाशों को थानों में तलब किया गया। पुलिस ने जागरूकता पोस्टर जारी किए हैं। कानून तोड़ने वालों को सीधी जेल भेजने की चेतावनी है। कंट्रोल रूम अलर्ट मोड पर रहेगा। नागरिकों से सहयोग की अपील की गई है। त्योहार सौहार्द से मनाने का संदेश है। शांति भंग करने वालों पर सख्ती तय है।

गरीबों के राशन में गड़बड़ी पर प्रशासन सख्त, दो संचालक हटाए गए

जगदलपुर। राशन वितरण में गड़बड़ी पर जगदलपुर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। शहर की दो दुकानों के संचालक हटाए गए। स्टॉक और वितरण में भारी अंतर मिला। ग्रामीण क्षेत्रों की चार दुकानों की जांच जारी है। दोषियों पर निलंबन और एफआईआर की तैयारी है। कलेक्टर ने साफ चेतावनी दी है। गरीबों के हक से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर है। कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप है। प्रशासनिक सख्ती का असर दिखने लगा है। पीडीएस व्यवस्था पटरी पर लाने की कोशिश तेज है।

जर्जर आंगनबाड़ी, बच्चों पर खतरा

जगदलपुर। शहर के मरारपारा क्षेत्र में गंभीर लापरवाही उजागर हुई। जर्जर कच्चे मकान में आंगनबाड़ी संचालित है। दर्जनभर बच्चे असुरक्षित भवन में पढ़ने को मजबूर हैं। बारिश में हादसे का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की। महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचना दी गई। अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पालकों में गहरी चिंता है। बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है। यह केवल एक केंद्र की समस्या नहीं है। पूरे सिस्टम की जवाबदेही पर सवाल है। तत्काल सुरक्षित भवन की मांग तेज हो गई है।