जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में एक ओर जहां कोंडागांव में धान खरीदी की बदहाली से गुस्साए किसानों ने NH-30 पर चक्का जाम कर सिस्टम को चुनौती दी, वहीं बीजापुर में प्रशासनिक लापरवाही के चलते 4 करोड़ रुपये का धान सड़ने से सरकारी खजाने को भारी चपत लगी है. इसी बीच सुकमा में निर्माण कार्य के दौरान एक मजदूर की दर्दनाक मौत की घटना ने क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है. संभाग की शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और अपराध से जुड़ी तमाम छोटी-बड़ी खबरों के लिए पढ़ें यह विस्तृत रिपोर्ट.

बदहाल धान खरीदी व्यवस्था पर फूटा किसानों का गुस्सा, NH-30 जाम

कोंडागांव जिले में धान खरीदी की बदहाल व्यवस्था को लेकर किसानों का आक्रोश सड़कों पर दिखा. बनियागांव सेक्शन में किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर चक्का जाम कर दिया. किसानों का आरोप है कि कागजों में खरीदी सुचारू दिखाई जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि न कूपन कट रहे हैं और न ही धान का उठाव हो रहा है. रात-रात भर केंद्रों में पहरा देने के बावजूद ट्रॉलियां खाली खड़ी हैं. हाईवे जाम होने से बसें, ट्रक और निजी वाहन घंटों फंसे रहे, जिससे स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वालों को भारी परेशानी उठानी पड़ी. सूचना पर पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंचा और अस्थायी समाधान का आश्वासन देकर जाम खुलवाने की कोशिश की गई. किसानों ने चेतावनी दी है कि व्यवस्था नहीं सुधरी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.

निर्माण स्थल पर करंट से मजदूर की मौत

सुकमा जिले के कांकेरलंका क्षेत्र में निर्माण कार्य के दौरान करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई. मृतक पंडोराम सीएससी भवन निर्माण में काम कर रहा था, इसी दौरान वह बिजली की चपेट में आ गया. परिजनों ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा उपकरण और निगरानी के अभाव का आरोप लगाया है. पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है. घटना ने ग्राम पंचायत स्तर पर चल रहे निर्माण कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

बीजापुर में 4 करोड़ का धान सड़ा, सिस्टम पर सवाल

बीजापुर जिले के 7 संग्रहण केंद्रों में करीब 4 करोड़ रुपए मूल्य का धान सड़ने का मामला सामने आया है. यह धान दंतेवाड़ा भेजा जाना था, लेकिन समय पर उठाव नहीं होने से खराब हो गया. 20 से अधिक मिलर्स का धान खराब मिला, बावजूद इसके अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई. वेयरहाउस प्रभारी और क्वालिटी इंस्पेक्टर की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. पीडीएस में घटिया चावल खपाने के आरोप भी लगे हैं, जिससे सिस्टम की साख पर संकट खड़ा हो गया है.

16 साल से हायर सेकेंडरी स्कूल का इंतजार

बस्तर के कोलेंग क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली सामने आई है. वर्ष 2010 से संचालित हाई स्कूल को अब तक हायर सेकेंडरी का दर्जा नहीं मिल सका है. चार पंचायतों के बच्चों को रोजाना 25 से 29 किलोमीटर दूर पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है. बरसात के मौसम में यह सफर जानलेवा साबित होता है. ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि अपने क्षेत्र में स्कूल खुलने से ही इलाके का विकास संभव है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब तक प्रस्ताव नहीं आने की बात कहकर जिम्मेदारी से बचते नजर आ रहे हैं.

डॉक्टरों की तत्परता से महिला की जान बची

नारायणपुर जिले में घरेलू हिंसा की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है. पति ने 38 वर्षीय महिला का चाकू से गला रेत दिया, जिससे उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई. परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की टीम ने त्वरित ऑपरेशन कर महिला की जान बचा ली. फिलहाल महिला आईसीयू में भर्ती है. डॉक्टरों की जिंदादिली की सराहना हो रही है, वहीं आरोपी पति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है.

फाइलेरिया उन्मूलन अभियान पर संशय

बस्तर जिले में 10 फरवरी से प्रस्तावित फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की तैयारी अधूरी नजर आ रही है. 1800 लोगों की नाइट ब्लड सर्वे रिपोर्ट अब तक नहीं आई है. जिले में फिलहाल 68 फाइलेरिया मरीज चिन्हित हैं, जिनमें सबसे ज्यादा बकावंड ब्लॉक में हैं. स्वास्थ्य विभाग इसे जन-आंदोलन बनाने की तैयारी में है, लेकिन समय पर रिपोर्ट आना बेहद जरूरी माना जा रहा है.

सुकमा जिला अस्पताल खुद असुरक्षित

नक्सल प्रभावित सुकमा जिले का एकमात्र जिला अस्पताल खुद सुरक्षा के लिहाज से खतरे में है. 65 लाख रुपए की लागत से लगाया जा रहा फायर फाइटिंग सिस्टम अब तक अधूरा है. अस्पताल फिलहाल केवल फायर एक्सटिंग्विशर के भरोसे चल रहा है. आईसीयू, ऑक्सीजन और बिजली उपकरणों के बीच यह स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है.

लामनी बर्ड पार्क में विदेशी पक्षियों का आगमन

जगदलपुर स्थित लामनी बर्ड पार्क में विदेशी पक्षियों के आने से पर्यटकों में उत्साह बढ़ गया है. ब्लू-एंड-गोल्ड मकाऊ और अफ्रीकन ग्रे पैरेट आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. वन विभाग ने इनके संरक्षण और देखभाल के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

अबूझमाड़ के लिए प्रशासनिक राहत

नारायणपुर में कलेक्टर नम्रता जैन ने प्रशासनिक व्यवस्था को सरल बनाने के लिए जनपद कार्यालय को ओरछा और नारायणपुर में विभाजित करने का निर्णय लिया है. इससे अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ आसानी से मिलेगा. नक्सल पीड़ित परिवारों को प्राथमिकता देने और धान खरीदी व्यवस्था में सख्ती के निर्देश भी दिए गए हैं.

संक्रांति पर आध्यात्मिक माहौल

बस्तर में संक्रांति पर्व पर पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन हुआ. 12 से 14 जनवरी तक चले इस आयोजन में कलश यात्रा, यज्ञ, सामूहिक विवाह और विभिन्न संस्कार कार्यक्रम संपन्न हुए. आयोजन ने सेवा, संस्कार और सामाजिक समरसता का संदेश दिया.