Bastar News Update : बस्तर। कांगेर वैली नेशनल पार्क की ग्रीन केव्स को लेकर हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले निर्माण पर रोक की मांग वाली याचिका स्वीकार की गई। खंडपीठ ने नेशनल पार्क निदेशक को दो सप्ताह में शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए। विशेषज्ञों के मुताबिक ये गुफाएं करोड़ों वर्षों में विकसित हुई संरचनाएं हैं। स्टेग्लेक्टाइट और स्टेग्लेमाइट का निर्माण बेहद धीमी प्राकृतिक प्रक्रिया से होता है।

मानवीय स्पर्श और रोशनी से इनकी चमक और संरचना प्रभावित हो सकती है। ग्रीन केव्स की खासियत है कि यहां सूर्य का प्राकृतिक प्रकाश पहुंचता है। यहीं दुर्लभ सूक्ष्मजीव और शैवाल विकसित हुए हैं। पर्यटन गतिविधियों से नमी, कंपन और। तापमान में बदलाव का खतरा है। अदालत ने अगली सुनवाई 18।फरवरी तय की है। तब तक आम लोगों की आवाजाही सीमित रखने के निर्देश दिए गए हैं। संकेत साफ है पर्यटन से पहले संरक्षण प्राथमिकता होगा।

रामाराम मेला, आस्था और आदिवासी परंपराओं का महासंगम

सुकमा। दक्षिण बस्तर का ऐतिहासिक रामाराम मेला एक बार फिर आस्था का केंद्र बना। माघ पूर्णिमा के दूसरे मंगलवार को रामाराम क्षेत्र श्रद्धालुओं से भर गया। चार राज्यों से देवी-देवताओं के सेवक और श्रद्धालु यहां पहुंचे। मेला स्थल पर सैकड़ों देवी-देवताओं की परंपरागत पूजा-अर्चना हुई। नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों से पूरा अंचल गूंज उठा। मांझी-चालकी समाज के लोग गले मिलते नजर आए। मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने वनवास काल में यहां समय बिताया था। माता चिटमटिन से जुड़ी कथाएं आज भी जीवित हैं। पत्थर पर उकेरी गई पूजा थाल श्रद्धा का प्रतीक बनी हुई है। यह मेला केवल धार्मिक नहीं, सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। राजपरिवार की परंपरागत सहभागिता इसकी ऐतिहासिक पहचान है। रामाराम मेला सुकमा की सांस्कृतिक आत्मा को दर्शाता है।

बस्तर पंडुम से पहले अलर्ट मोड में प्रशासन

बस्तर। लोक संस्कृति के महापर्व बस्तर पंडुम को लेकर जगदलपुर पूरी तरह तैयार है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। लालबाग मैदान में मुख्य आयोजन होना है। शहर में पार्किंग और यातायात को श्रेणियों में बांटा गया है। वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान कुछ मार्ग अस्थायी रूप से बंद रहेंगे।

देरी से आने वालों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाएगा। मुख्य मंच के पास केवल पासधारी वाहनों को अनुमति होगी। आम लोगों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल तय किए गए हैं। प्रशासन ने जीरो एरर नीति अपनाने की बात कही है। सुरक्षा प्रोटोकॉल में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। बस्तर पंडुम सांस्कृतिक उत्सव के साथ सुरक्षा परीक्षा भी है।

निजी स्कूल पर शिकंजा, शिक्षा विभाग की सख्ती

बस्तर। कारली स्थित निर्मल निकेतन स्कूल पर शिक्षा विभाग की कार्रवाई तेज हो गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्राचार्य और प्रबंधक को नोटिस जारी किया गया है। शिकायत एक पालक द्वारा की गई थी। जांच में शिक्षकों की नियुक्ति मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। पालकों से व्यवहार को लेकर भी गंभीर आपत्तियां सामने आईं।

विद्यालय की मान्यता पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का संकेत दिया गया है। एक सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। कमजोर बच्चों के लिए उपचारात्मक शिक्षण व्यवस्था अनिवार्य की गई है। जिला स्तरीय टीम फिर से निरीक्षण करेगी। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। इस कार्रवाई से अन्य निजी स्कूलों में भी हड़कंप है। संदेश साफ है शिक्षा में समझौता नहीं चलेगा।

जमीन विवाद में हत्या, पिता-पुत्रों को उम्रकैद

बस्तर। बस्तर जिले में जमीन विवाद ने एक परिवार की जान ले ली। अदालत ने पिता और उसके दो बेटों को उम्रकैद की सजा सुनाई। मामला 16 सितंबर 2024 की रात का है। विवाद के दौरान पड़ोसी के घर मारपीट शुरू हुई। मां-बेटे पर लाठी और मुक्कों से हमला किया गया। आरोपियों ने मृतक के हाथ पकड़कर रखा। इसके बाद लोहे की टंगिया से जानलेवा वार किया गया। घायल को अस्पताल ले जाया गया, जहां मृत घोषित किया गया। अदालत ने सभी साक्ष्यों को निर्णायक माना। तीनों दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है। फैसले ने जमीन विवादों की भयावहता उजागर की है। कानून ने स्पष्ट संदेश दिया हिंसा की कोई माफी नहीं।

रेल लाइन का सपना अब भी अधूरा

बस्तर। दल्ली राजहरा–जगदलपुर रेल लाइन बस्तरवासियों के लिए अब भी सपना है। 3100 करोड़ की स्वीकृति के बाद भी काम शुरू नहीं हो पाया। भू-अर्जन और मुआवजा विवाद बड़ी बाधा बने हैं। 140 किलोमीटर लंबी लाइन का कार्य कई जिलों में अटका है। एक साल बाद जाकर सर्वे कार्य शुरू हुआ है। ठेकेदारों की सुस्ती से जनता में नाराजगी है। ताड़ोकी तक रेल पहुंच चुकी है, आगे काम ठप है।

दिसंबर 2025 तक ट्रेन चलने का दावा पूरा नहीं हुआ। लोगों को नए आश्वासनों पर भरोसा नहीं रहा। विशेषज्ञ मानते हैं कि परियोजना में लंबा समय लगेगा। रेल कनेक्टिविटी के बिना विकास अधूरा है। बस्तर अब ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।

मोबाइल टावर चोरी गिरोह का पर्दाफाश

कोंडागांव। मोबाइल टावरों से बैटरी चोरी करने वाला गिरोह पकड़ा गया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। करीब 13 लाख रुपये की बैटरियां जब्त की गईं। मामला 1 फरवरी को दर्ज चोरी से खुला। सायबर सेल की मदद से तकनीकी जांच की गई। जियो कंपनी के एक टेक्नीशियन की संलिप्तता सामने आई। पूछताछ में कई चोरी की घटनाएं कबूल की गईं।
बैटरियां कबाड़ी के जरिए बेची जा रही थीं। पुलिस ने वाहन और नकद राशि भी जब्त की। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। कार्रवाई में थाना और सायबर सेल की अहम भूमिका रही। इस खुलासे से टेलीकॉम सुरक्षा पर सवाल भी उठे हैं।

बंदूक छोड़कर हुनर की राह, ‘नुवा बाट’ की नई कहानी

बस्तर। बस्तर में आत्मसमर्पित माओवादियों की जिंदगी बदल रही है। ‘नुवा बाट’ योजना के तहत 28 पूर्व माओवादी प्रशिक्षण ले रहे हैं। कलेक्टर ने प्रशिक्षण केंद्र का औचक निरीक्षण किया। युवाओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानी गईं। कारपेंट्री, मैकेनिक और निर्माण जैसे ट्रेड में प्रशिक्षण चल रहा है। प्रशासन ने सुविधाओं की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। आवास, भोजन और सुरक्षा की व्यवस्था की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने योजनाओं का पूरा लाभ देने के निर्देश दिए। लक्ष्य केवल रोजगार नहीं, सम्मानजनक जीवन है। हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों को प्रोत्साहन मिल रहा है। यह पहल पुनर्वास की नई मिसाल बन रही है। बस्तर में बदलाव अब जमीन पर दिखने लगा है।