Bastar News Update : बस्तर। बस्तर के पशु बाजारों में मवेशियों की कीमतें एक बार फिर तेजी से बढ़ गई हैं। एक जोड़ी बैल और भैंस की कीमत एक लाख रुपये तक पहुंच गई है। कीमतों में उछाल से सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को हो रही है। खेती के लिए बैल और भैंस खरीदना उनकी मजबूरी बन गई है। पहले बूचड़खानों में सप्लाई रुकने से दाम नीचे आए थे। लेकिन अब आंध्रप्रदेश के बूचड़खानों के लिए सप्लाई दोबारा शुरू हो गई है।

बस्तर के कई पशु व्यापारी आंध्र के व्यापारियों से सीधे संपर्क में हैं। मोबाइल के जरिए थोक सौदे तय किए जा रहे हैं। पामेला, लोहंडीगुड़ा और गीदम के बाजारों में सक्रियता बढ़ी है। पहले 50 हजार में मिलने वाली जोड़ी अब दोगुने दाम पर बिक रही है। हर उम्र और किस्म के मवेशी खरीदे जा रहे हैं। इससे पशुपालकों को फायदा, लेकिन किसानों पर बोझ बढ़ा है। किसान फिर से नियंत्रण की मांग उठा रहे हैं।

पर्यटकों की भीड़ के बाद श्रमदान से संवरी चित्रकोट की तस्वीर

बस्तर। मिनी नियाग्रा चित्रकोट जलप्रपात में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। भीड़ बढ़ने से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। चारों ओर फैली गंदगी से पर्यटक नाराज दिखे। स्थिति को देखते हुए ग्राम पंचायत सक्रिय हुई। सरपंच भंवर मौर्य के नेतृत्व में ग्रामीणों ने श्रमदान शुरू किया। जलप्रपात परिसर और आसपास साफ-सफाई की गई। नववर्ष पर अत्यधिक भीड़ से व्यवस्था बिगड़ गई थी। पहले पार्किंग नाका समिति सफाई संभालती थी। नाका विवाद के बाद सफाई व्यवस्था ठप हो गई थी। नौकायन संचालकों को जिम्मेदारी दी गई, लेकिन असर नहीं दिखा। अब नियमित श्रमदान से व्यवस्था सुधर रही है। सरपंच ने इसे बस्तर की छवि से जोड़ा है। ग्रामीणों का कहना है सफाई अभियान जारी रहेगा।

सुपोषण पर असर, बच्चों की थाली से रोटी भी गायब

बस्तर। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण आहार लगातार घटता जा रहा है। पहले दूध, केला, अंडा और गुड़ बंद किया गया। अब फोर्टिफाइड आटा की आपूर्ति भी रोक दी गई है। तीन से छह साल के बच्चों को अब रोटी नहीं मिल रही। भोजन सिर्फ चावल, दाल, सब्जी और पापड़ तक सीमित है। जिले में करीब 2000 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें 85 हजार से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। करीब 19 हजार बच्चे कुपोषित श्रेणी में आते हैं। फोर्टिफाइड आटा आयरन और पोषक तत्वों से भरपूर था। अक्टूबर से इसकी आपूर्ति बंद है। 50 हजार से ज्यादा बच्चे सीधे प्रभावित हुए हैं। विशेषज्ञ इसे पोषण अभियान के लिए बड़ा झटका मानते हैं। व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

धान टोकन संकट से नाराज किसान, आंदोलन की चेतावनी

बीजापुर। भैरमगढ़ ब्लॉक में धान खरीदी व्यवस्था चरमराई हुई है। किसानों को धान विक्रय के लिए टोकन नहीं मिल पा रहा। इस मुद्दे पर सर्व आदिवासी समाज ने विरोध जताया है। किसानों को पटवारी और तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है। कई किसानों का धान खुले आसमान के नीचे पड़ा है। बारिश और नमी से फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। समाज ने व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाया है। सभी किसानों के लिए तत्काल टोकन की मांग की गई है। जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठी है। समस्या पूरे ब्लॉक में फैली बताई जा रही है। समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी दी गई है। नुकसान की जिम्मेदारी प्रशासन पर डालने की बात कही गई है।

जर्जर सरकारी आवास, कर्मचारी जोखिम में रहने को मजबूर

जगदलपुर। संभागीय मुख्यालय में 400 से ज्यादा सरकारी आवास जर्जर हो चुके हैं। कई आवासों को विभाग एक्सपायरी घोषित कर चुका है। इसके बावजूद कर्मचारी इन्हीं में रहने को मजबूर हैं। मरम्मत के लिए बेहद कम बजट जारी किया जाता है। 50 हजार से एक लाख में मरम्मत संभव नहीं। कई आवासों पर अनाधिकृत कब्जे भी हैं। कुछ जगह ठेकेदारों के मजदूर रह रहे हैं। योग्य कर्मचारियों को आवास नहीं मिल पा रहा। कॉलोनियों में हादसे का खतरा बना हुआ है। पुराने बंगलों पर लाखों खर्च किए जा रहे हैं। जबकि अधीनस्थ कर्मचारियों की अनदेखी हो रही है। कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है। आवास नीति पर सवाल उठने लगे हैं।

नियम तोड़े तो कार्रवाई, 173 सीएससी आईडी रद्द

बस्तर। जिले में कॉमन सर्विस सेंटरों पर प्रशासन सख्त हुआ है। 173 सीएससी की आईडी एक साथ निरस्त कर दी गई है। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कई केंद्र बिना स्थायी पते के संचालित हो रहे थे। कॉमन ब्रांडिंग और रेट चार्ट नहीं लगे थे। कुछ केंद्र सिर्फ कागजों में ही पाए गए। इससे आम लोगों को सेवाओं में परेशानी हो रही थी। अब हर सीएससी का स्थायी पता अनिवार्य होगा। स्टेट लोगो और आईडी स्पष्ट दिखाना होगा। वीएलई का पुलिस सत्यापन जरूरी किया गया है। डिजिटल लेन-देन केवल अधिकृत आईडी से होगा। नियम पालन पर ही बहाली पर विचार होगा। प्रशासन ने पारदर्शिता पर जोर दिया है।

खराब चावल बना सियासी मुद्दा, जांच तेज

दंतेवाड़ा। गीदम वेयरहाउस में रखे चावल की गुणवत्ता पर विवाद बढ़ गया है। पहले कांग्रेस, अब भाजपा ने भी सवाल उठाए हैं। भाजपा की जांच समिति ने वेयरहाउस का निरीक्षण किया। चावल में नमी और खराब गुणवत्ता की बात कही गई। मामले की रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को भेजी जाएगी।पीडीएस में वितरण पर आपत्ति जताई गई है। क्वालिटी इंस्पेक्टर ने चावल को खाने योग्य बताया। उन्होंने खुद वही चावल खाने का दावा किया। फिर भी दोबारा क्वालिटी जांच की बात कही गई। सवाल है समय पर वितरण क्यों नहीं हुआ। एक गोदाम में खराब, दूसरे में सही चावल कैसे।जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग तेज है। मामला जिला से प्रदेश तक गूंज रहा है।

अज्ञात बीमारी से मौत, गांव में स्वास्थ्य अलर्ट

सुकमा। कोंटा विकासखंड के दुब्बामरका गांव में युवक की मौत से दहशत है। अज्ञात बीमारी की आशंका के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ। कलेक्टर के निर्देश पर मेडिकल टीम गांव पहुंची। घर-घर जांच कर मेडिकल कैंप लगाया गया। छह ग्रामीणों में सूजन और कमजोरी के लक्षण मिले। सभी को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। मृतक को पहले उप स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। हायर सेंटर जाने से इनकार के बाद उसकी मौत हुई। प्रारंभिक जांच में शराब सेवन की आदत सामने आई। पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। स्वास्थ्य टीम गांव में निगरानी कर रही है। पहले भी इस क्षेत्र में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। प्रशासन सतर्क मोड में है।