Bastar News Update : जगदलपुर। बस्तर एक बार फिर इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। 7 फरवरी को देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जगदलपुर पहुंचेंगी। वे बस्तर आने वाली देश की पांचवीं राष्ट्रपति होंगी। लालबाग मैदान में उनके हाथों बस्तर पंडुम का विधिवत शुभारंभ होगा। यह सिर्फ एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की पहचान का उत्सव है।

आजादी के बाद से अब तक चार राष्ट्रपतियों ने बस्तर का दौरा किया है। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद से लेकर रामनाथ कोविंद तक, हर यात्रा ऐतिहासिक रही। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सुरक्षा, मंच, यातायात और आमजन की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह प्रवास बस्तर के लिए सम्मान, विश्वास और विकास का प्रतीक माना जा रहा है। जनजातीय अंचल की संस्कृति अब राष्ट्रीय मंच पर और मजबूती से उभरेगी। बस्तर एक बार फिर देश का ध्यान अपनी ओर खींचने को तैयार है।

राष्ट्रपति दौरे को ऐतिहासिक बनाने मैदान में उतरे जनप्रतिनिधि

जगदलपुर। महामहिम राष्ट्रपति के आगमन से पहले तैयारियों का दौर तेज हो गया है। लालबाग मैदान में कार्यक्रम को भव्य रूप देने के लिए प्रशासन जुटा है।।प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप और विधायक किरण देव ने स्थल निरीक्षण किया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा हुई।

प्रवेश मार्ग, दर्शक दीर्घा और मंच व्यवस्था पर विशेष फोकस किया गया। कार्यक्रम को संभाग स्तरीय गौरव से जोड़ने की तैयारी है। बस्तर पंडुम 2026 को ऐतिहासिक बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। जनजातीय कला, संस्कृति और पहचान को राष्ट्रीय मंच मिलेगा। प्रशासन ने समन्वय और अनुशासन को प्राथमिकता दी है। यह आयोजन बस्तर के शांतिपूर्ण और विकासशील चेहरे को दर्शाएगा। राष्ट्रपति का यह दौरा जनविश्वास को और मजबूत करेगा। बस्तर उत्सव के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है।

नशे के खिलाफ सख्ती, महिला तस्कर रंगे हाथ पकड़ी गई

जगदलपुर। शहर में नशे के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। बोधघाट पुलिस ने गांजा तस्करी के एक बड़े प्रयास को नाकाम किया। एक महिला आरोपी को उसके घर से रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। घर में रखे बैग से गांजे के पांच पैकेट बरामद किए गए। पुलिस को पहले से सटीक सूचना मिली थी। तलाशी अभियान में पूरी सतर्कता बरती गई। आरोपी महिला पूर्व में भी इसी अपराध में जेल जा चुकी है। पुलिस के मुताबिक आरोपी युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रही थी। इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। जिले में नशे के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा। शहर को नशामुक्त बनाने की दिशा में सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

अय्यप्पा स्वामी की शोभायात्रा में डूबा शहर

जगदलपुर। जगदलपुर में सोमवार की शाम श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान अय्यप्पा के वार्षिकोत्सव पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इंद्रावती नदी में पवित्र स्नान के बाद विधिवत पूजा हुई। महादेव घाट से रथयात्रा का शुभारंभ किया गया। शोभायात्रा प्रमुख मार्गों से होती हुई मंदिर पहुंची। केरल के पारंपरिक वाद्य यंत्रों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। महिलाओं और बालिकाओं की सहभागिता विशेष आकर्षण रही। दीपथाल लिए श्रद्धालुओं ने रथ की अगवानी की। शहर जयकारों से गूंज उठा। मंदिर पहुंचने पर धान समर्पण और ध्वज अवरोहण किया गया। इसके साथ वार्षिक महोत्सव का समापन हुआ। देर रात तक दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ बनी रही।

बस्तर कोसा की वैश्विक पहचान, पर स्थानीय कारीगर पीछे

जगदलपुर। बस्तर का रैली कोसा दुनिया में अपनी अनूठी पहचान रखता है। एक कोसा से डेढ़ किलोमीटर तक धागा निकलता है। इसके रंग और गुणवत्ता की अंतरराष्ट्रीय मांग है। बस्तर कोसा से बने वस्त्र सात देशों तक निर्यात हो रहे हैं। हाल ही में बस्तर कोसा साड़ी को जीआई टैग भी मिला है। लेकिन विडंबना यह है कि स्थानीय कोसा सेंटर पिछड़ गया है। जगदलपुर कोसा सेंटर अपेक्षित उत्पादन नहीं कर पा रहा। प्रशिक्षण के बावजूद कारीगरों की कमी बनी हुई है। औसतन हर साल 80 लाख नग कोसा संग्रहित होता है। करीब 3000 हितग्राही इस काम से जुड़े हैं। 300 महिलाएं धागा निकालकर आजीविका कमा रही हैं। बस्तर कोसा आज भी संभावनाओं का अधूरा अध्याय बना हुआ है।

2 सड़क हादसा, तेज रफ्तार बनी काल, एक युवक की मौत

कोंडागांव। कोंडागांव के उमरगांव चौक पर सड़क हादसा जानलेवा साबित हुआ। दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत में एक युवक की मौत हो गई। हादसे में युवक के सिर में गंभीर चोट आई। अत्यधिक रक्तस्राव से मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान कांकेर जिले के युवक के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने तेज रफ्तार को हादसे की वजह बताया।

पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सड़क सुरक्षा को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। कोंडागांव में देर रात एक और सड़क हादसा हुआ। महिला सवारियों से भरा ऑटो खड़ी ट्रक से टकरा गया। हादसा नारायणपुर तिराहे पर हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो क्षतिग्रस्त हो गया। ऑटो में सवार कई महिलाएं घायल हो गईं। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए मदद की। घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी खतरे से बाहर हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। अंधेरा और लापरवाही को कारण माना जा रहा है। घटना ने सड़क सुरक्षा पर फिर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।

दंतेवाड़ा मॉडल बना मिसाल, असम करेगा अनुकरण

दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा का प्रधानमंत्री आवास मॉडल अब राष्ट्रीय चर्चा में है। असम से आए अधिकारियों ने मॉडल का जमीनी अध्ययन किया। टीम ने निर्माण गुणवत्ता और प्रशिक्षण व्यवस्था देखी। नवाचारी पहल की खुलकर सराहना की गई। यह मॉडल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव का उदाहरण बना। आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है। राजमिस्त्री प्रशिक्षण से आजीविका के नए रास्ते खुले हैं। आवास निर्माण की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। अधिकारियों ने इसे विश्वास बहाली का सफल प्रयोग बताया। असम में भी इस मॉडल को लागू करने की तैयारी है। दंतेवाड़ा प्रशासन की सोच को सराहा गया। यह मॉडल विकास की नई दिशा दिखा रहा है।

अबूझमाड़ में संगठन विस्तार और घर वापसी

नारायणपुर। अबूझमाड़ के सुदूर गांवों में सामाजिक गतिविधियां तेज हुई हैं। कोहकामेटा और किहकार में नई इकाइयों का गठन किया गया। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान तीन परिवारों ने स्वेच्छा से मूल धर्म में वापसी की। विधिवत रीति-रिवाज से उनका स्वागत किया गया। नेताओं ने सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने की बात कही। आदिवासी परंपराओं को सहेजने पर जोर दिया गया। संगठन विस्तार के साथ कार्यकर्ताओं को शपथ दिलाई गई। सामाजिक एकता का संदेश दिया गया। कार्यकर्ताओं ने अभियान को गांव-गांव तक ले जाने की बात कही। कार्यक्रम में उत्साह और सहभागिता दिखी। अबूझमाड़ में सामाजिक सक्रियता बढ़ती नजर आई।

200 करोड़ का अस्पताल, मरीजों पर महंगाई का बोझ

जगदलपुर। बस्तर के लिए बना सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल उम्मीद की किरण था। 240 बिस्तरों वाला अस्पताल सरकारी दरों पर इलाज का सपना था। लेकिन अब हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं। अस्पताल का संचालन निजी समूह को सौंपा गया है। ओपीडी पर्ची और जांच पर भारी शुल्क लिया जा रहा है। एमआरआई जैसी जांचें आम लोगों की पहुंच से दूर हो गई हैं। कई विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। बिना पूरी सुविधा के इलाज शुरू कर दिया गया। सरकारी दरों की शर्तों पर अमल नहीं हो रहा। अधिकारियों को भी दरों की स्पष्ट जानकारी नहीं है। मरीज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। यह अस्पताल अब सवालों के घेरे में है।

जादू-टोने के शक में हत्या, चार आरोपी गिरफ्तार

सुकमा। सुकमा जिले में अंधविश्वास ने एक जान ले ली। जादू-टोने के संदेह में युवक की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को दफना दिया गया। मामले की जांच में सच्चाई सामने आई। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शव उत्खनन कर साक्ष्य जुटाए गए। गवाहों के बयान दर्ज किए गए। टोनही प्रताड़ना निवारण कानून के तहत कार्रवाई हुई। घटना से इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस ने सख्त संदेश दिया है। अंधविश्वास के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।