Bastar News Update : दंतेवाड़ा. भीषण गर्मी के बीच दंतेवाड़ा शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली डंकनी नदी अब सूखने की कगार पर है. सिंचाई विभाग ने एनीकट को मरम्मत के नाम पर खोल दिया, लेकिन तकनीकी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया. इंटेक वेल के पास अस्थायी बांध नहीं बनने से पानी का स्तर अचानक गिर गया. नतीजा यह हुआ कि 15 वार्डों के करीब 20 हजार लोग पानी के लिए जूझ रहे हैं. नगर की जलापूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है और लोग वैकल्पिक साधनों पर निर्भर हैं. नगर पालिका अब बोरवेल के जरिए टंकियां भरकर सप्लाई कर रही है. लेकिन एक टंकी भरने में पूरा दिन लगने से कई वार्डों में एक समय ही पानी मिल पा रहा है. रेत का अस्थायी बांध भी तीन बार टूट चुका है, जिससे स्थिति और बिगड़ी है. टैंकर सप्लाई भी सीमित संसाधनों के कारण प्रभावी नहीं हो पा रही है. पालिका और सिंचाई विभाग के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरी तरह तकनीकी लापरवाही का मामला है. यदि पहले से योजना बनाई जाती तो संकट टाला जा सकता था. अब हालात ऐसे हैं कि आने वाले दिनों में पानी का संकट और गहरा सकता है.
हरे सोने पर तस्करी हावी, कार्रवाई सवालों में
सुकमा. सुकमा में तेंदूपत्ता यानी ‘हरे सोने’ पर तस्करों की पकड़ लगातार मजबूत होती दिख रही है. अवैध फड़ों की भरमार के बीच विभागीय कार्रवाई महज औपचारिक नजर आ रही है. कोंटा क्षेत्र में दबिश के दौरान सिर्फ खाली बारदाने और तिरपाल ही जब्त हुए. सूत्रों के मुताबिक 40 से ज्यादा अवैध फड़ खुलेआम संचालित हो रहे हैं. कार्रवाई की जानकारी पहले ही लीक होने से तस्कर माल हटा देते हैं. इससे विभाग के भीतर मिलीभगत के आरोप भी लगने लगे हैं. एक तरफ तस्करी जारी है, तो दूसरी तरफ रिकॉर्ड संग्रहण के आंकड़े पेश किए जा रहे हैं. रात में तस्करी रोकने के दावे भी जमीनी हकीकत से मेल नहीं खा रहे. ओड़िशा बॉर्डर पर निगरानी के बावजूद आवाजाही जारी है. कार्रवाई के नाम पर सिर्फ एक वाहन जब्ती से सवाल खड़े हो रहे हैं. स्थानीय लोग इसे ‘मैनेजमेंट का खेल’ बता रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो नुकसान बढ़ेगा. अब देखना होगा कि विभाग दिखावे से आगे बढ़कर ठोस कदम उठाता है या नहीं.
दुर्गम गांव से अस्पताल तक, दो मासूमों को मिली नई जिंदगी
सुकमा. सुकमा जिले के दूरस्थ दुरभा गांव में स्वास्थ्य टीम ने मिसाल पेश की है. गंभीर हालत में दो मासूम बच्चियों को समय रहते जीवनदान मिला. मलेरिया, कुपोषण और बेहद कम हीमोग्लोबिन से दोनों जूझ रही थीं. स्वास्थ्य टीम ने जंगल, नदी और दुर्गम रास्तों को पार कर गांव तक पहुंच बनाई. बच्चियों को पैदल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक लाया गया. इसके बाद 96 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल रेफर किया गया. डॉक्टरों ने खून चढ़ाकर और इलाज कर उनकी हालत में सुधार किया. एनआरसी में उपचार के बाद हीमोग्लोबिन स्तर 9 ग्राम तक पहुंच गया. कुछ ही दिनों में बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई. परिजनों को पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सलाह भी दी गई. मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत यह पहल हुई है. दुर्गम इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का यह बड़ा उदाहरण बना. अब गांव में लौटी बच्चों की हंसी सिस्टम की सफलता की गवाही दे रही है.
अफवाहों पर प्रशासन सख्त, ईंधन-गैस पर नियंत्रण
जगदलपुर. बस्तर जिले में ईंधन और रसोई गैस को लेकर फैली अफवाहों के बीच प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है. खाद्य विभाग ने कहा है कि जिले में किसी प्रकार की कमी नहीं है. समस्या सिर्फ वितरण व्यवस्था की लापरवाही से जुड़ी हुई है. जैरीकैन में पेट्रोल-डीजल देने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. केवल वाहनों को ही सीधे ईंधन देने के निर्देश जारी किए गए हैं. किसानों और निर्माण कार्यों के लिए विशेष छूट जरूर दी गई है. इसके लिए दस्तावेज और सत्यापन अनिवार्य किया गया है. गैस एजेंसियों पर भी प्रशासन की सख्त नजर बनी हुई है. फर्जी डिलीवरी मैसेज और स्टॉक गड़बड़ी पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. रोजाना फील्ड निरीक्षण के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं. कालाबाजारी या अधिक वसूली पर सीधे एफआईआर दर्ज होगी. प्रशासन का फोकस अब पारदर्शी और सुचारू आपूर्ति पर है. साफ है कि अफवाहों के बीच सिस्टम को पटरी पर लाने की कोशिश तेज हो गई है.
स्टेशन अपग्रेड की रफ्तार पर DRM की नजर
जगदलपुर. जगदलपुर रेलवे स्टेशन के कायाकल्प की प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच रही है. वाल्टेयर मंडल के डीआरएम ने अमृत स्टेशन योजना के कार्यों का निरीक्षण किया. स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई.लिफ्ट लगाने का कार्य जारी है और कुछ कार्य अभी बाकी हैं. अधिकारियों ने सर्कुलेटिंग एरिया, वेटिंग हॉल और फूड कोर्ट का निरीक्षण किया. बुकिंग ऑफिस और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भी फोकस किया गया. डीआरएम ने चलती ट्रेन से जगदलपुर-कोरापुट सेक्शन का निरीक्षण किया. ट्रैक, सिग्नलिंग और सुरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई. पुल, सुरंग और यार्ड रीमॉडलिंग कार्यों की स्थिति भी देखी गई. अधिकारियों को गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए. स्टेशन के आधुनिकीकरण को लेकर अब काम तेज करने की बात कही गई है. यात्रियों को बेहतर सुविधा देना इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बताया गया. स्पष्ट है कि अब स्टेशन को नए स्वरूप में लाने की तैयारी अंतिम चरण में है.
परीक्षा से पहले राहत, छात्रों को मिला आखिरी मौका
जगदलपुर. शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय ने छात्रों को बड़ी राहत दी है. सेमेस्टर परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि एक बार फिर बढ़ा दी गई है. अब छात्र 16 मई तक विलंब शुल्क के साथ फॉर्म भर सकते हैं. जो छात्र अब तक आवेदन नहीं कर पाए थे, उन्हें अंतिम अवसर दिया गया है. स्नातक, स्नातकोत्तर और डिप्लोमा के सभी छात्र इसमें शामिल हैं. ऑनलाइन फॉर्म का प्रिंट संस्थान में जमा करना अनिवार्य होगा.परीक्षाएं 1 जून से दो पालियों में शुरू होंगी. सुबह और दोपहर की शिफ्ट में परीक्षा आयोजित की जाएगी. नियमित और स्वाध्यायी दोनों तरह के छात्र परीक्षा में शामिल होंगे. एटीकेटी और भूतपूर्व छात्रों को भी मौका मिलेगा. टाइम टेबल विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है. छात्रों को समय रहते प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है. अब परीक्षा की तैयारी के साथ औपचारिकताएं पूरी करने का दबाव भी बढ़ गया है.
तेज रफ्तार का कहर, अज्ञात वाहन ने ली जान
कोंडागांव. एनएच-30 पर बहीगांव के पास भीषण सड़क हादसा सामने आया है. अज्ञात वाहन ने पिकअप को सामने से टक्कर मार दी और फरार हो गया. हादसे में एक युवक की मौके पर मौत हो गई. जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. घायलों का इलाज फरसगांव अस्पताल में जारी है. पिकअप में आम लोड कर युवक जगदलपुर से रायपुर जा रहे थे. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए. घटना की सूचना मिलते ही केशकाल पुलिस मौके पर पहुंची. घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया. मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. पुलिस अब फरार वाहन की तलाश में जुटी हुई है. सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और लोगों से पूछताछ जारी है. यह हादसा एक बार फिर हाईवे पर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रहा है.

