Dharm Desk :- घर में सुख-शांति और सकारात्मक वाता वरण बनाए रखने के लिए वास्तु शास्त्र में कई छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखने की सलाह देते है। घर की बनावट से लेकर दरवाजे, खिड़कियों और रोशनी की व्यवस्था तक को अनिवार्य बताया गया है। वास्तु के अनुसार, खिड़कियां घर में हवा और प्राकृतिक रोशनी आने का माध्यम होने के साथ ऊर्जा के प्रवाह से भी जुड़ी होती हैं। ऐसे में अगर घर की खिड़कियां ज्यादातर समय बंद रहती हैं या उनकी ठीक से साफ सफाई नहीं की जाती तो इसे वास्तु की दृष्टि से अच्छा नहीं मानते।इसे घर के माहौल में नकारात्मकता बढ़ने से भी जोड़कर देखा जाता है।

1.घर की खिड़कियां खुली रखना है जरूरी

घर के अंदर ऊर्जा का संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया जाता है।घर की खिड़कियां लंबे समय तक बंद रहने से ऊर्जा का प्रवाह प्रभावित होता है। इसलिए मौसम और बाहरी वातावरण को ध्यान में रखते हुए सुबह के समय कुछ देर खिड़कियां खोलनी चाहिए ताकि घर में ताजी हवा और प्राकृतिक रोशनी आ सके।

2.खिड़कियों की सफाई का रखें खास ध्यान

घर की खिड़कियों पर धूल-मिट्टी जमा होना भी अच्छी नहीं होता।घर को साफ-सुथरा रखना सकारात्मक माहौल के लिए जरूरी है। खिड़कियों के कांच और आसपास की जगह की प्रतिदिन सफाई करनी चाहिए ताकि सूर्य की रोशनी कमरे तक पहुंच सके और घर का वातावरण साफ बना रहे।

3. ज्यादा भारी पर्दे लगाने से बचें

खिड़कियों पर लगे पर्दे भी घर में उजाला आने की व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। बहुत मोटे और भारी पर्दे दिनभर खिड़कियों पर लगे रहने से प्राकृतिक रोशनी कमरे में कम पहुंचती है। इसलिए दिन के समय हल्के पर्दों का उपयोग करना और जरूरत के अनुसार उन्हें हटाना सही होता है।

    4.चरमराती खिड़कियों की कराएं मरम्मत

    अगर खिड़की खोलते या बंद करते समय लगातार चरमराने की आवाज आती है।तो उसकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए। घर की खराब या आवाज करने वाली चीजों को ठीक रखना जरूरी होता है। ऐसी खिड़कियों की समय पर मरम्मत करानी चाहिए ताकि उनका उपयोग आसानी से कर सके।

    5.सुबह घर में आने दें ताजी हवा और धूप

    घर में ताजी हवा और प्राकृतिक रोशनी पहुंचने से कमरों का वातावरण अच्छा बना रहता है। लगातार बंद रहने वाले कमरों में हवा का आवागमन कम हो सकता है। इसलिए मौसम अनुकूल होने पर सुबह के समय खिड़कियां खोलना अच्छा रहता है।