इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापक भर्ती के 897 पदों से बीएलएड और विशेष शिक्षा डिप्लोमा धारकों को बाहर रखने संबंधी अधिसूचना को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने भर्ती विज्ञापन में संशोधन कर इन अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर देने और जरूरत पड़ने पर अंतिम तिथि बढ़ाने का निर्देश दिया.
प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में सहायक अध्यापक भर्ती के तहत अनुदानित प्राथमिक विद्यालयों के 897 पदों पर बीएलएड डिग्री और दो वर्षीय विशेष शिक्षा डिप्लोमा धारकों को आवेदन का अवसर देने का निर्देश दिया है. न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की पीठ ने इन अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर रखने संबंधी 11 सितंबर 2026 की अधिसूचना को संबंधित सीमा तक निरस्त कर दिया है.
897 पदों पर विवाद
यह आदेश महेश कुमार और 18 अन्य की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया गया. याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता राहुल मिश्र और अन्य ने पक्ष रखा.
याचिका के अनुसार, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज ने शहरी क्षेत्र के सहायक अध्यापक पदों के लिए 11,508 और संबद्ध प्राथमिक विद्यालयों के लिए 897 पदों पर भर्ती निकाली थी. विज्ञापन की शर्त 7.1 के तहत दो वर्षीय विशेष शिक्षा डिप्लोमा और चार वर्षीय बीएलएड डिग्री धारकों को शहरी क्षेत्र के 11,508 पदों के लिए ही पात्र माना गया था, जबकि 897 पदों की भर्ती से उन्हें बाहर रखा गया.
अर्हता पर उठे सवाल
याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि दोनों तरह के विद्यालयों में शिक्षकों की ड्यूटी और वेतन समान हैं, इसलिए उनकी शैक्षणिक अर्हताओं में अंतर नहीं किया जाना चाहिए. उनका कहना था कि सहायक अध्यापक पद के लिए सीनियर सेकेंडरी में 50 प्रतिशत अंक और चार वर्षीय बीएलएड डिग्री निर्धारित न्यूनतम अर्हताओं में शामिल हैं.
याचिका में यह भी कहा गया कि शिक्षक भर्ती की न्यूनतम शैक्षणिक अर्हता तय करने का अधिकार राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के पास है, चाहे विद्यालय बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत हो या माध्यमिक शिक्षा विभाग के.
अधिसूचना रद्द करने का आदेश
हाईकोर्ट ने पाया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव और माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से 11 सितंबर 2026 को जारी अधिसूचनाएं एनसीटीई अधिनियम और 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना के अनुरूप नहीं थीं. अदालत ने इन अधिसूचनाओं को उस सीमा तक निरस्त करने का निर्देश दिया, जहां तक बीएलएड और विशेष शिक्षा डिप्लोमा धारकों को 897 पदों की भर्ती से बाहर रखा गया था.
विज्ञापन में संशोधन के निर्देश
कोर्ट ने 15 सितंबर 2026 के विज्ञापन संख्या 5/2026 में तत्काल संशोधन जारी करने का आदेश दिया है. इसके तहत दो वर्षीय विशेष शिक्षा डिप्लोमा और चार वर्षीय बीएलएड डिग्री वाले अभ्यर्थियों को भी 897 पदों के लिए आवेदन करने का अवसर दिया जाना है.
अदालत ने याचिकाकर्ताओं सहित समान स्थिति वाले अन्य अभ्यर्थियों को आवेदन का उचित अवसर देने को कहा है. जरूरत पड़ने पर आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने का निर्देश भी दिया गया है.

