​बेगूसराय। होमगार्ड अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इस घटना को लोकतंत्र की हत्या और प्रशासन की बर्बरता करार देते हुए राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन की आग पूरे प्रदेश में फैलेगी।

​प्रशासनिक संवेदनहीनता पर प्रहार

​ABVP के उत्तर बिहार प्रांत मंत्री पुरुषोत्तम कुमार ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि बेगूसराय में होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से संघर्षरत हैं। जब युवा अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, तब प्रशासन ने लाठियों के दम पर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की। यह न केवल युवाओं के अधिकारों का हनन है, बल्कि बेरोजगारी की मार झेल रहे छात्रों के प्रति सरकार की संवेदनहीनता का प्रमाण है।

​ABVP की प्रमुख मांगें

​विद्यार्थी परिषद ने सरकार के सामने चार सूत्रीय मांगें रखी हैं:

​लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच हो।
​आदेश देने वाले अधिकारियों पर अविलंब कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
​घायल अभ्यर्थियों को समुचित चिकित्सा और आर्थिक मुआवजा मिले।
​भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से जल्द पूरा किया जाए।

​सरकार को दो टूक चेतावनी

​पुरुषोत्तम कुमार ने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि युवाओं के धैर्य की परीक्षा न ली जाए। रोजगार मांगने पर लाठियां मिलना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है। यदि समय रहते न्याय नहीं मिला, तो ABVP बेगूसराय से लेकर पटना तक उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की होगी।