अजय शास्त्री, बेगूसराय। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में सोमवार को कांग्रेस पार्टी द्वारा एक बड़ा प्रतिरोध मार्च निकाला गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिव प्रकाश गरीबदास के नेतृत्व में पार्टी के सैकड़ों नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की।

SIR पर उठाए गए सवाल

​कांग्रेस की ओर से आयोजित इस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी अन्य गड़बड़ियां थीं। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर 28 सितंबर को पूरे देश में जिला स्तर पर यह विरोध मार्च निकाला गया था।
​बेगूसराय में यह मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सीधे समाहरणालय तक पहुंचा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और समाहरणालय के पास उनका पुतला भी फूंका। नेताओं का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने के दौरान कई गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं, जिनकी पारदर्शी जांच होनी चाहिए।

​जिलाध्यक्ष गरीबदास ने साधा तीखा निशाना

​इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिव प्रकाश गरीबदास ने कड़े शब्दों में निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि है और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर उठाए जा रहे सवालों से आयोग भाग नहीं सकता।
​दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग ने अपने भीतर किसी भी प्रकार के मतभेद होने के दावों को सिरे से खारिज किया है। आयोग का स्पष्ट कहना है कि एसआईआर समेत सभी महत्वपूर्ण निर्णय सभी चुनाव आयुक्तों की आपसी सहमति और मंजूरी से ही लिए गए हैं।

​जिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन

​प्रदर्शन के उपरांत कांग्रेस पार्टी का पांच सदस्यीय एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल बेगूसराय के जिलाधिकारी रिची पांडेय से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची में सुधार से जुड़ी पार्टी की तमाम मांगों को प्रमुखता से रखा गया।
​कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर संज्ञान नहीं लिया गया, तो उनका यह लोकतांत्रिक आंदोलन आगे भी इसी प्रकार जारी रहेगा और वे मतदाताओं के हक की आवाज उठाते रहेंगे।