बेगूसराय। जिला मुख्यालय अंतर्गत पोखरिया मोहल्ले में भीषण आग लगने से भारी तबाही हुई है। यह घटना वार्ड संख्या 35 और 39 के सीमावर्ती क्षेत्र में घटित हुई जिसने पल भर में कई परिवारों की खुशियां और मेहनत की कमाई को राख में तब्दील कर दिया। इस अग्निकांड में विद्यासागर सिंह और प्रमोद कुमार सिंह सहित उनके भाइयों के 10 खपरैल मकानों में से 3 घर पूरी तरह जल गए।

​लाखों का कैश और व्यापारिक सामग्री हुई खाक

​शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस हादसे में 25 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा चोट एक स्थानीय बैंड पार्टी और वैवाहिक सामग्री बनाने वाले व्यवसाय पर पड़ी है। एक कमरे में रहने वाली बैंड पार्टी के करीब डेढ़ लाख रुपये नकद जलकर खाक हो गए। वहीं, दूसरे कमरे में शादी-विवाह में इस्तेमाल होने वाली मौउरी (पारंपरिक मुकुट) का निर्माण और भंडारण होता था। मौउरी और अन्य संबंधित कच्चे माल को मिलाकर लगभग 20 लाख रुपये की क्षति का आकलन किया गया है।

​स्थानीय लोगों का साहस और दमकल की कार्रवाई

​आग लगते ही पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लपटें इतनी विकराल थीं कि लोग अपने घरों को बचाने के लिए बाल्टियों और पाइपों के साथ मशक्कत करने लगे। सूचना मिलते ही नगर पार्षद डॉ. शगुफ्ता ताजवर और भाजपा नेता नीरज शांडिल्य मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का नेतृत्व किया। अग्निशमन विभाग की दो गाड़ियों ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई।

​संकरी गलियों ने बढ़ाई मुश्किलें

​वार्ड पार्षद डॉ. शगुफ्ता ताजवर ने बताया कि शहर के बीचों-बीच स्थित घनी आबादी और बेहद संकरी गलियों की वजह से दमकल की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए नगर थाना में कम से कम एक छोटी दमकल गाड़ी हमेशा तैनात रखी जानी चाहिए।

​प्रशासन से मुआवजे की गुहार

​गर्मी के बढ़ते प्रकोप और तेज हवाओं के कारण ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। फिलहाल आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है लेकिन इस हादसे ने गरीब परिवारों की जमा-पूंजी और आजीविका का साधन छीन लिया है। स्थानीय प्रतिनिधियों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की अपील की है ताकि वे फिर से अपना जीवन शुरू कर सकें।