भागलपुर। जिले के सबौर प्रखंड अंतर्गत राजंदीपुर गांव में सोमवार को एक हृदयविदारक हादसा सामने आया है। यहां गंगा किनारे अपनी बड़ी मां के साथ गई 8 वर्षीय शिवानी कुमारी की डूबने से मौत हो गई। यह घटना तब और भी मार्मिक हो जाती है जब पता चलता है कि मृतका के सिर पर माता-पिता का साया पहले ही उठ चुका था और वह अपनी बड़ी मां के संरक्षण में पल रही थी।

​कैसे हुआ हादसा?

​जानकारी के मुताबिक, शिवानी सोमवार को अपनी बड़ी मां और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गंगा किनारे गई थी। इसी दौरान तट पर खेलते समय अचानक उसका पैर फिसल गया और वह संतुलन बिगड़ने के कारण सीधे गंगा की लहरों में जा गिरी। स्थानीय लोगों ने बताया कि ढलान होने के कारण वह तेजी से गहरे पानी की ओर चली गई।

​20 मिनट की मशक्कत और 17 फीट गहरा पानी

​हादसे के वक्त मौके पर कोई ऐसा व्यक्ति मौजूद नहीं था जो तुरंत पानी में कूदकर बच्ची को बचा पाता। परिजनों और आसपास के लोगों के शोर मचाने पर गांव के कुछ युवक और गोताखोर मौके पर पहुंचे। लगभग 20 मिनट तक चली कड़ी मशक्कत के बाद, गोताखोरों ने शिवानी को करीब 17 फीट गहरे पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।

परिजनों में मचा कोहराम

​पड़ोसी नंदकिशोर कुमार ने भावुक होते हुए बताया कि शिवानी के माता-पिता की मृत्यु पहले ही हो चुकी थी। वह सिकेंद्र मंडल की इकलौती निशानी थी जो अपनी बड़ी मां के सहारे अपना भविष्य देख रही थी। इस घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

​पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम

​घटना की सूचना मिलते ही सबौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह पैर फिसलने के कारण हुआ हादसा प्रतीत होता है, फिर भी मामले की पूरी जांच की जा रही है।