अतीश दीपंकर, भागलपुर। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा रात्रि सुरक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखने के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने देर रात एक औचक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान शहर से लेकर सुदूर ग्रामीण इलाकों के थानों की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया गया। औचक निरीक्षण के दौरान जहां एक ओर लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मी पर गाज गिरी, वहीं मुस्तैद जवानों की पीठ भी थपथपाई गई।
- अचानक थानों में दी गई दबिश: एसएसपी ने बिना किसी पूर्व सूचना के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के थानों का अचानक दौरा किया।
- इन व्यवस्थाओं की हुई गहन जांच: निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से रात्रि संतरी ड्यूटी, ओडी (Officer on Duty) पदाधिकारी की मौजूदगी, पुलिस वाहनों की गश्ती और ‘डायल-112’ की सक्रियता की जांच की गई।
- इमरजेंसी रिस्पॉन्स का टेस्ट: आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस दल कितनी तेजी से हरकत में आता है, इसकी भी जमीनी पड़ताल की गई।
लापरवाह अफसर पर सख्त एक्शन
निरीक्षण के क्रम में जब काफिला ग्रामीण इलाके के सजौर थाना पहुंचा, तो वहां ओडी पदाधिकारी अपनी ड्यूटी से गायब मिले। इस गंभीर लापरवाही को एसएसपी ने बेहद अनुशासनहीनता मानते हुए तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया। अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है कि रात्रि गश्त और ड्यूटी में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुस्तैद पुलिसकर्मियों का हुआ सम्मान
दूसरी ओर, जो पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पर पूरी तरह सजग और मुस्तैद मिले, उनका हौसला भी बढ़ाया गया। स्टेशन चौक, कजरैली, बायपास, जीरोमाइल और तिलकामांझी थाना क्षेत्रों में तैनात संतरी और गश्ती दल के जवानों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया।
कड़े निर्देश और भविष्य की चेतावनी
इस औचक निरीक्षण के समापन पर सभी थाना प्रभारियों और संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे रात्रिकालीन ड्यूटी में पूरी सतर्कता बरतें। डायल-112 की गाड़ियां और वाहन गश्ती हर हाल में एक्टिव मोड में रहने चाहिए। इस कार्रवाई से साफ हो गया है कि भागलपुर पुलिस महकमा अब सुरक्षा में ढिलाई के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है।

