भागलपुर। नाथनगर थाना क्षेत्र के फतेहपुर स्थित दक्षिण बहियार में गेहूं की दवनी (थ्रेसिंग) के दौरान एक महिला की जान चली गई। थ्रेसर मशीन की चपेट में आने से हुई इस आकस्मिक मौत ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है। मृतका की पहचान 28 वर्षीय सुबो देवी के रूप में हुई है, जो बजरंगी मंडल की पत्नी थीं।
मजदूर नहीं मिले तो खुद मोर्चा संभालने पहुंची थी ‘घर की लक्ष्मी’
मृतका के पति बजरंगी मंडल ने भारी मन से बताया कि गेहूं की फसल तैयार करने के लिए उन्हें मजदूर नहीं मिल रहे थे। काम समय पर पूरा करने के दबाव में वह पहली बार अपनी पत्नी को साथ लेकर खेत पर गए थे। पति गेहूं के गट्ठर ढोकर ला रहा था, जबकि सुबो देवी उन गट्ठरों को थ्रेसर मशीन में डाल रही थीं। इसी दौरान अचानक सुबो की साड़ी का पल्लू मशीन के घूमने वाले हिस्से में फंस गया और देखते ही देखते वह मशीन के अंदर खिंची चली गईं।
दो मिनट में बंद की मशीन, पर नहीं बची जान
हादसा इतना अचानक हुआ कि चीख-पुकार मच गई। बजरंगी ने आनन-फानन में दो मिनट के भीतर मशीन को बंद किया और कड़ी मशक्कत के बाद पत्नी को बाहर निकाला। लहूलुहान हालत में उन्हें एंबुलेंस के जरिए मायागंज अस्पताल ले जाया गया, लेकिन विधि को कुछ और ही मंजूर था। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
चार बच्चों के सिर से उठा मां का साया
सुबो देवी की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। बजरंगी ने रोते हुए कहा, वह मेरे घर की लक्ष्मी थी, जो अब इस दुनिया में नहीं रही। मृतका अपने पीछे चार छोटे बच्चे छोड़ गई है, जिनका अपनी मां को खोने के बाद रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय पुलिस ने मामले की जानकारी ली है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना ने एक बार फिर खेती के दौरान मशीनों के इस्तेमाल में बरती जाने वाली सावधानी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
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