चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की फ्रांस यात्रा को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री को बड़ी राहत दी है. हाईकोर्ट ने भगवंत मान को फ्रांस जाने की इजाजत दे दी है. वहीं दूसरी ओर केंद्र ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सुरक्षा का हवाला देते हुए यह यात्रा की अनुमति नही दी थी, जबकि पंजाब सरकार ने केंद्र के फैसले को भेदभावपूर्ण बताते हुए सवाल उठाए. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने भगवंत मान को फ्रांस जाने की अनुमति दे दी.

खालिस्तानी संगठनों से खतरा होने की आशंका

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि उसे बृहस्पतिवार शाम ही पंजाब सरकार का एक पत्र मिला था. इसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान को देश और विदेश में खालिस्तानी संगठनों से खतरा होने की आशंका जताई गई थी. पत्र में खालिस्तानी संगठन से जुड़े गुरपतवंत सिंह का नाम भी लिया गया था. इसके बाद से सुरक्षा के लिहाज से यह सही नहीं माना गया था.

पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री की फ्रांस यात्रा के दौरान पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने और इस संबंध में फ्रांस के अधिकारियों से बातचीत करने का आग्रह किया था. केंद्र सरकार ने अदालत में कहा कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इस मामले में किसी तरह का जोखिम नहीं लिया जा सकता.

केंद्र सरकार ने यह भी दलील दी कि भगवंत मान को फ्रांस सरकार की ओर से कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है. ऐसे में वहां की सरकार मुख्यमंत्री को आवश्यक राजकीय शिष्टाचार और प्रोटोकॉल कैसे उपलब्ध कराएगी. केंद्र ने फ्रांस में आयोजित खाद्य व्यापार मेले में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी का हवाला देते हुए सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी जताईं.

पंजाब सरकार ने केंद्र की दलीलों पर जवाब देते हुए कहा कि जब दूसरे देशों के प्रतिनिधि भारत आते हैं तो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारत सरकार भूमिका निभाती है. इसी तरह केंद्र सरकार फ्रांस के अधिकारियों से बातचीत कर मुख्यमंत्री की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करवा सकती है.

पहले इन देशों का करें है दौरा

जानकारी मिली है कि पंजाब सरकार ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पहले जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों की यात्रा कर चुके हैं और उन यात्राओं के लिए मंजूरी दी गई थी. ऐसे में अब फ्रांस यात्रा के मामले में अलग रवैया अपनाना उचित नहीं है. सरकार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार चुनिंदा आधार पर मंजूरी दे रही है.