जमुई। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता और विधायक भाई वीरेंद्र ने जमुई सर्किट हाउस में एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता के दौरान केंद्र और बिहार सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ बढ़ती घटनाओं, प्रशासनिक नियुक्तियों में धांधली, बेरोजगारी और महंगाई जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को घेरा। साथ ही, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी बर्खास्तगी की मांग की और देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी।

​महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सवाल

​भाई वीरेंद्र ने जमुई, समस्तीपुर, बांका के मंदार पहाड़ और दरभंगा में हाल ही में महिलाओं के साथ हुई घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन का इकबाल पूरी तरह समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के ‘रील्स’ वाले बयानों से कुछ नहीं होगा, बल्कि अगर प्रशासन सख्त रहे तो इस तरह की घटनाएं रुक सकती हैं। उन्होंने जमुई और समस्तीपुर की घटनाओं का तुलनात्मक जिक्र करते हुए अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एनकाउंटर की मांग दोहराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती, इसलिए जातिगत साजिश से ऊपर उठकर हर अपराधी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

​ शराब माफिया पर गंभीर आरोप

​राजद नेता ने आरोप लगाया कि वर्तमान में प्रशासन में जाति और पैसे के आधार पर पोस्टिंग की जा रही है, जिससे पूरी व्यवस्था कमजोर हो रही है। उन्होंने दावा किया कि इस मिलीभगत के कारण अपराधियों और शराब माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार को जात-पात से ऊपर उठकर ईमानदार अधिकारियों की तैनाती करनी चाहिए।

​मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बड़ा हमला

​प्रेसवार्ता के दौरान भाई वीरेंद्र ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मताधिकार के प्रयोग को रोकने और एक विशेष पार्टी के पक्ष में कार्य करने जैसे गंभीर कृत्य लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा हैं। उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को तुरंत उनके पद से बर्खास्त किया जाए। राजद इस मुद्दे पर बिहार से लेकर दिल्ली तक जोरदार आंदोलन करेगा।

​मीडिया और युवाओं से विशेष अपील

​भाई वीरेंद्र ने मीडिया से सच्चाई दिखाने की अपील करते हुए कहा कि यदि मीडिया को कहीं से नियंत्रित या गाइड किया जा रहा है, तो यह देश की स्वतंत्रता और लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है। अंत में, उन्होंने Gen-Z और राज्य के तमाम युवाओं से आह्वान किया कि वे बेरोजगारी, महंगाई, अपराध और लोकतांत्रिक संस्थाओं के हनन के खिलाफ अपनी आवाज उठाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो राजद कार्यकर्ताओं के साथ युवा सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।