भीलवाड़ा। शहर में तीन दिन से लापता चल रहे दो 10 वर्षीय बच्चों की तलाश का मंगलवार देर शाम दर्दनाक अंत हो गया। दोनों बच्चों के शव पालड़ी क्षेत्र में कोठारी नदी के पेटे में पानी से भरी खदान से बरामद किए गए। दोनों बच्चे 4 अक्टूबर को घर से खेलने के लिए निकले थे, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटे। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर चार टीमें गठित कर उनकी तलाश शुरू की थी।
मंगलवार शाम खदान में दोनों बच्चों के शव मिलने की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारी और जवान तत्काल मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों शवों को पानी से बाहर निकलवाया गया। प्रारंभिक तौर पर पानी में डूबने से मौत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
खेलने के लिए घर से निकले थे दोनों बच्चे
भीमगंज थाना क्षेत्र के माणिक्यनगर मालियों का बड़ा मंदिर इलाके में रहने वाले दिव्यांशु सोनी उर्फ डुग्गू (10) और रजत जाट उर्फ भुंगड़ा (10) 4 अक्टूबर को सुबह करीब 11 से 12 बजे के बीच घर से खेलने के लिए निकले थे। काफी देर तक दोनों के वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने आसपास तलाश शुरू की।
शाम तक बच्चों का कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस के साथ परिवार और रिश्तेदार भी शहर के अलग-अलग हिस्सों में बच्चों की तलाश में जुट गए।
CCTV में साइकिल चलाते दिखे थे बच्चे
पुलिस ने बच्चों की तलाश के दौरान शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें दोनों बच्चे सांगानेरी गेट के पास एक अन्य बच्चे के साथ साइकिल चलाते हुए नजर आए थे।
इसके बाद पुलिस टीमों ने बच्चों के संभावित रास्तों और आसपास के इलाकों में लगे अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगाली। पुलिस ने बच्चों के दोस्तों, परिचितों और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका।
चार पुलिस टीमों ने शुरू किया था सर्च ऑपरेशन
गुमशुदगी की सूचना के बाद पुलिस ने बच्चों की तलाश के लिए चार टीमें गठित की थीं। संभावित रास्तों के अलावा तालाब, नदी क्षेत्र और अन्य स्थानों पर भी खोजबीन की जा रही थी। इसी दौरान मंगलवार शाम पालड़ी क्षेत्र में पानी से भरी खदान में दोनों बच्चों के शव मिलने की सूचना मिली।
सबसे बड़ा सवाल-खदान तक कैसे पहुंचे दोनों बच्चे?
अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि दोनों बच्चे घर से निकलने के बाद पालड़ी स्थित खदान तक कैसे पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उनकी आखिरी गतिविधियों की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
प्रारंभिक तौर पर डूबने की आशंका है, लेकिन पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बच्चे वहां अकेले पहुंचे थे या उनके साथ कोई अन्य भी था।
खुले जलस्रोतों की सुरक्षा पर उठे सवाल
दो मासूम बच्चों की मौत की घटना ने शहर और आसपास के इलाकों में खुले जलस्रोतों और पानी से भरी खदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के बाद कई खदानों और गहरे गड्ढों में पानी भर गया है। ऐसे स्थानों पर बच्चों और आम लोगों की आवाजाही रोकने के लिए सुरक्षा इंतजामों की जरूरत एक बार फिर सामने आई है।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों की स्थिति और स्पष्ट होगी। पुलिस बच्चों के घर से निकलने से लेकर शव मिलने तक की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।

