भिवानी। गद्दी, पैसे और वर्चस्व को लेकर पिछले एक साल से चल रहा मंगलामुखी समाज का विवाद अब खत्म होने का दावा किया गया है। भिवानी में आयोजित पत्रकार वार्ता में महंत बुलबुल और महंत महक मंगलामुखी ने एक मंच पर आकर आपसी मतभेद समाप्त करने की बात कही। इस दौरान उन्होंने दादरी निवासी एक व्यक्ति पर मारपीट करने, पैसे छीनने, धमकाने और डेरे पर कब्जा करने जैसे गंभीर आरोप लगाए।

एक साल से चल रहा था गद्दी और वर्चस्व का विवाद

पत्रकार वार्ता में किन्नर अखाड़े की गद्दीनशीन महंत बुलबुल, महंत महक, तनिशा और अन्य लोगों ने बताया कि पिछले करीब एक साल से गद्दी, पैसे और वर्चस्व को लेकर विवाद चल रहा था। उनका आरोप है कि संबंधित व्यक्ति ने दोनों पक्षों के बीच गलतफहमियां पैदा कीं, जिससे आपसी विवाद बढ़ता गया।

अब महंत बुलबुल और महंत महक ने एक साथ आकर विवाद समाप्त होने की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब महंत महक, महंत बुलबुल के साथ हैं और दोनों पक्ष एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे।

युवक पर मारपीट, धमकी और सामान छीनने के आरोप

मंगलामुखियों ने आरोप लगाया कि दादरी निवासी व्यक्ति उनके बीच आपसी गलतफहमी पैदा कर आर्थिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा था। उनका दावा है कि आरोपी ने डेरे पर कब्जा कर रखा है और विरोध करने पर मारपीट करता है।

पीड़ितों के अनुसार, आरोपी शराब पीकर जान से मारने की धमकी देता है और अभद्र व्यवहार करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके जेवर, नकदी, कपड़े और अन्य सामान छीन लिए गए, जिसके बाद उन्हें अपनी जान बचाकर वहां से निकलना पड़ा।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित व्यक्ति का पक्ष और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

कार्रवाई नहीं हुई तो अधिकारियों से मिलेंगे

पत्रकार वार्ता में मंगलामुखी समाज के लोगों ने मामले को लेकर रोष जताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे पुलिस अधीक्षक और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे। साथ ही, उन्होंने शहर से कथित बदमाशों को तड़ीपार करने की मांग उठाने की बात कही।

दूसरे शहरों से भी पहुंचे समाज के लोग

इस पत्रकार वार्ता में दिल्ली, आगरा और अन्य स्थानों से भी किन्नर समाज के लोग पहुंचे। उन्होंने पीड़ित पक्ष के समर्थन में एकजुटता दिखाई। दोनों पक्षों के एक मंच पर आने को समाज के भीतर चल रहे विवाद को समाप्त करने की दिशा में अहम कदम बताया गया।

फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी जानकारी सामने आना बाकी है।