संजय पाटीदार, भोपाल । मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर स्कूलों और धर्म से जुड़ा नया विवाद खड़ा हो गया है। सिरोंज से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक उमाकांत शर्मा की एक सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों सियासी गलियारों में खासी चर्चा का विषय बनी हुई है। विधायक द्वारा सनातनी परिवारों से अपने बच्चों को क्रिश्चियन स्कूलों और मदरसों से हटाने की अपील किए जाने के बाद कांग्रेस पार्टी ने तीखा हमला बोला है।

क्या है विधायक उमाकांत शर्मा की पोस्ट में?

सिरोंज विधानसभा सीट से भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए सनातन धर्म के परिवारों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को क्रिश्चियन मिशनरी स्कूलों और मदरसों में न पढ़ाएं। उनकी इस अपील के सामने आते ही यह बयान तेजी से वायरल हो गया और इस पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया।

कांग्रेस का तीखा तंज: ‘बीजेपी नेताओं के बच्चे कहां पढ़ते हैं?‘

विधायक की इस पोस्ट पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने जोरदार पलटवार किया है। कांग्रेस प्रवक्ता स्वदेश शर्मा ने इसे बीजेपी की संकीर्ण राजनीति करार देते हुए कहा कि बीजेपी नेता हमेशा धर्म के नाम पर समाज और शिक्षा को बांटने का काम करते हैं। एक तरफ बीजेपी क्रिश्चियन स्कूलों और मदरसों को निशाना बना रही है, वहीं दूसरी ओर खुद सत्ताधारी पार्टी के बड़े-बड़े नेताओं के बच्चे कॉन्वेंट और महंगे क्रिश्चियन स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करते हैं। कांग्रेस ने सिरोंज विधायक की इस अपील को पूरी तरह गलत और समाज में वैमनस्य फैलाने वाला बताया है।

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