संजय पाटीदार, भोपाल। Exclusive: मध्य प्रदेश की राजधानी घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए कभी आकर्षण का केंद्र रही भोपाल दर्शन गाड़ी अब खुद ही बदहाली का शिकार है। साल 2008 में शुरू हुई यह गाड़ी शहर के 12 से 14 प्रमुख दर्शनीय स्थलों की सैर कराती थी, लेकिन अब करीब दो साल से ज्यादा समय से यह सेवा बंद पड़ी है और गाड़ी सैर सपाटा परिसर में जंग खा रही है।
शुरू होगी भी या नहीं ?
गाड़ी का रजिस्ट्रेशन खत्म होने के बाद इसे दोबारा शुरू करने की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। ऐसे में सवाल है कि जिस सुविधा से पर्यटकों को एक ही सफर में भोपाल के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सैर कराई जाती थी वह आखिर कब वापस शुरू होगी। शुरू होगी भी या फिर नहीं?
18 साल पहले हुई थी शुरुआत
साल 2008 में शुरू हुई भोपाल दर्शन गाड़ी में एक बार में करीब 30 पर्यटकों को बैठाकर तीन से चार घंटे में शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाता था। शुरुआत में इसका किराया 100 रुपए रखा गया था, जिसे करीब पांच साल बाद बढ़ाकर 250 रुपए कर दिया गया। गाड़ी से पर्यटक जनजातीय संग्रहालय, भारत भवन, ताज-उल-मसाजिद, बिरला मंदिर, विधानसभा, मछली घर समेत भोपाल के कई प्रमुख स्थलों की सैर करते थे। लंबे समय तक यह सुविधा बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए शहर घूमने का आसान जरिया बनी रही, लेकिन करीब दो साल से भोपाल दर्शन गाड़ी का पहिया थमा हुआ है। 15 साल की अवधि पूरी होने के बाद गाड़ी का रजिस्ट्रेशन खत्म हो गया और इसके बाद से यह सैर सपाटा परिसर में खड़ी है।
पर्यटकों ने कही यह बात
अब हालत ये है कि गाड़ी चलने के बजाय खुले में खड़ी-खड़ी जंग खा रही है। पर्यटकों का कहना है कि भोपाल जैसे पर्यटन शहर में ग्रुप में आने वाले लोगों के लिए इस तरह की सुविधा उपयोगी है। ऐसे में सवाल यही है कि भोपाल दर्शन की सैर फिर शुरू होगी या यह गाड़ी सिर्फ भोपाल की पुरानी पर्यटन याद बनकर रह जाएगी और सेर सपाटे में खड़ी-खड़ी कबाड़ हो जाएगी। पर्यटकों का कहना है कि भोपाल दर्शन जैसी सुविधा से कम समय में शहर के कई प्रमुख पर्यटन स्थल घूमने को मिलते हैं। बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए यह काफी सुविधाजनक व्यवस्था थी। अगर इसे दोबारा शुरू किया जाए, तो पर्यटकों को भोपाल घूमने में आसानी होगी।

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