शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र को केवल 5 दिन का रखे जाने पर राज्य की राजनीति गर्मा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार के इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मोहन यादव सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार जनता के तीखे सवालों और राज्य की वास्तविक समस्याओं पर चर्चा करने से भाग रही है।

‘सदन छोटा कर सकती है सरकार, सवाल नहीं’

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार को घेरते हुए कहा कि इससे पहले बुलाया गया विधानसभा का मानसून सत्र भी मात्र 5 दिन का तय किया गया था, लेकिन उसे भी समय से पहले महज 3 दिन में ही अनिश्चितकाल के लिए खत्म कर दिया गया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार सत्र की अवधि भले ही छोटी कर ले, लेकिन जनता के सवालों से बच नहीं सकती। उमंग सिंघार ने जोर देकर कहा कि प्रदेश के 230 विधायक राज्य की 7 करोड़ से अधिक जनता की आवाज हैं, इसलिए विधायी कार्यों और जनहित के मुद्दों पर व्यापक चर्चा के लिए सत्र की अवधि बढ़ाई जानी चाहिए।

इन गंभीर मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस

नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस विधायक दल सदन के भीतर जनता से जुड़े हर एक मुद्दे को पूरी मजबूती के साथ उठाएगा। उन्होंने जिन प्रमुख मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की बात कही है, उनमें निम्नलिखित विषय शामिल हैं—

  • बालाघाट में बच्चों की मौत और सागर-देवास में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का मामला।
  • किसानों की बदहाली, फसल के दाम और खाद-बीज की किल्लत।
  • प्रदेश में लगातार बढ़ रही बेरोजगारी और युवाओं का भविष्य।
  • महिलाओं की सुरक्षा और राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था।
  • आदिवासियों के अधिकार और उन पर हो रहे अत्याचार।
  • शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की बदतर हालत और सरकार पर लगातार बढ़ रहा भारी-भरकम कर्ज।

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