शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश में देर रात बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की गई है। 20 से ज्यादा आईएएस अफसरों का तबादला किया गया है। 11 जिलों के कलेक्टर बदले गए है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन ने आदेश जारी कर दिया है। आइए जानते है किसे कहां की जिम्मेदारी दी गई है।

सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के मुताबिक, 1994 बैच की IAS रश्मि अरुण शमी को अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के साथ भोपाल गैस त्रासदी और खाद्य सुरक्षा आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 1997 बैच के सुखवीर सिंह को प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री और लोक निर्माण विभाग बनाया गया है।

कहां-कहां कलेक्टरों के तबादले

  • राजेश कुमार ओगरे को मऊगंज
  • पवन कुमार जैन को भिंड
  • अरुण कुमार विश्वकर्मा को जबलपुर
  • आशीष वशिष्ठ को नर्मदापुरम
  • अंकित अस्थाना को सिंगरौली
  • आदित्य सिंह को बालाघाट
  • हर्ष सिंह को पन्ना
  • रोहित सिसोनिया को रायसेन
  • विवेक कुमार को बुरहानपुर
  • डॉ. परिक्षित झाडे को शाजापुर
  • कुमार सत्यम को हरदा कलेक्टर बनाया गया है।

वहीं राघवेन्द्र सिंह को प्रबंध संचालक कृषि विपणन बोर्ड, संदीप केरकेट्टा को CEO इंदौर विकास प्राधिकरण बनाया गया है। इसके साथ ही केसी गुप्ता, शोभित जैन, भरत यादव, अभय बेडेकर सहित कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे गए हैं।

पन्ना और बालाघाट में अनुभवी कलेक्टर

शासन ने पन्ना में केन-बेतवा लिंक परियोजना के भू-अर्जन और बालाघाट में स्वास्थ्य विभाग की चुनौतियों से निपटने के लिए अनुभवी कलेक्टरों को पदस्थ किया है।

मंत्रालय में भी बड़ी जिम्मेदारियां बदलीं

बेहतर परफॉर्मेंस और विभागीय पकड़ का इनाम देते हुए सुखबीर सिंह को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रमुख सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। GIS की तैयारियों के मद्देनजर उद्योग विभाग को सुदृढ़ किया गया है। लघु, सूक्ष्म, मध्यम उद्योग विभाग को स्वतंत्र सचिव मिला है, वहीं उद्योग विभाग को नया सचिव मिला है। कुमार पुरुषोत्तम को पूर्णकालिक MSME आयुक्त बनाया गया है और उन्हें अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।

दो कलेक्टर हटाए गए

मूंग खरीदी आंदोलन में प्रभावी कार्रवाई न करने के कारण हरदा एवं नर्मदापुरम (होशंगाबाद) के जिला कलेक्टरों को अल्प कार्यकाल के बाद ही हटा दिया गया है। वहीं आदित्य सिंह और रोहित सिसोनिया की मुख्यधारा में वापसी हुई है।

कलेक्टरों पर गाज

मूंग आंदोलन में नाकामी- हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन और नर्मदापुरम कलेक्टर सोमेश मिश्रा को करीब 6 महीने में ही हटा दिया गया। दोनों अप्रैल 2026 में पदस्थ हुए थे। किसानों के भोपाल घेराव के दौरान प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाना इसकी वजह माना जा रहा है।

भू-अर्जन विवाद पन्ना में केन-बेतवा परियोजना के भू-अर्जन विवाद के चलते कलेक्टर ऊषा परमार को हटाया गया है। उन्हें उद्यानिकी विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। शिकायतों का असर सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल को हटाया गया। भिंड कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा के खिलाफ जिलों के दौरे नहीं करने, कार्यालय तक सीमित रहने और जनविश्वास कार्यक्रमों से दूरी बनाने की शिकायतें थीं।

स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौती

बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सुधारने के लिए आदित्य सिंह को कलेक्टर बनाया गया है। पहली बार कलेक्टरी 2012 बैच के आईएएस राजेश कुमार ओगरे को पहली बार जिले की कमान मिली है, उन्हें मऊगंज का कलेक्टर बनाया गया है।

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