संजय पाटीदार, भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की आगामी यात्रा को एक बड़ा समर्थन मिला है। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पूर्व सीएम की इस यात्रा के समर्थन में एक पत्र लिखा है, जिसके बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह यात्रा आगामी 20 अक्टूबर से उज्जैन से शुरू होने जा रही है।
शंकराचार्य ने पत्र में क्या कहा?
दिग्विजय सिंह की यात्रा के संबंध में जारी पत्र में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सनातन धर्म के मूल स्वरूप और सिद्धांतों पर विस्तार से बात की है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि सनातन धर्म का वास्तविक स्वरूप सत्य, अहिंसा, पवित्रता, नीति और देवालयों की मर्यादा में पूरी तरह निहित है। धर्म के नाम पर होने वाला कोई भी अनाचार, असत्य या छद्म रूप कभी भी सनातन नहीं हो सकता, क्योंकि सनातन का मूल आधार हमेशा से सत्य और शुचिता रहा है। जब कभी भी धर्म के आवरण में अधर्म और अनाचार होने लगे, तब ऐसी स्थिति में सत्य के पक्ष में मजबूती से खड़े होना ही वास्तविक धर्म-स्वाभिमान है। शंकराचार्य ने इस यात्रा को ‘सनातन तत्त्व और धर्म-स्वाभिमान के जागरण’ के लिए एक आवश्यक प्रयास बताया है।
राजनीतिक हलचल तेज
शंकराचार्य द्वारा इस यात्रा को समर्थन दिए जाने के बाद इसे काफी अहम माना जा रहा है। आगामी 20 अक्टूबर से उज्जैन से शुरू होने वाली इस यात्रा को लेकर राजनीतिक और धार्मिक स्तर पर कई तरह के मायने निकाले जा रहे हैं।

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