शब्बीर अहमद, भोपाल। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने छतरपुर और पन्ना जिले में विकास परियोजनाओं के नाम पर आदिवासी परिवारों को उनकी जमीन से बेदखल करने का आरोप लगाते हुए राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। सिंघार ने सरकार पर आरोप लगाया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना तथा मझगांय-रूंझ जैसी अन्य परियोजनाओं से प्रभावित आदिवासी परिवारों की वाजिब मांगों को सुनने के बजाय सरकार पुलिस बल के जरिए उनकी आवाज दबाने में जुटी है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा”आदिवासी परिवारों के हक पर भाजपा सरकार का यह दमन आखिर क्यों? छतरपुर और पन्ना जिले में केन-बेतवा लिंक एवं मझगांय-रूंझ सहित अन्य विकास परियोजनाओं से प्रभावित परिवार अपने पूर्ण उचित मुआवजे और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल कर उसे दबाने में जुटी है। सरकार जनता की आवाज कुचलना बंद करे— प्रभावितों को लाठियां नहीं, न्याय दीजिए!”
केन-बेतवा लिंक और अन्य परियोजनाओं से विस्थापन का मुद्दा
उल्लेखनीय है कि बुंदेलखंड अंचल के छतरपुर और पन्ना जिलों में केन-बेतवा लिंक परियोजना समेत कई प्रमुख बांध व सिंचाई परियोजनाओं का काम चल रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासी परिवारों को उनकी पुश्तैनी जमीनों से विस्थापित किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष का आरोप है कि विस्थापित परिवारों को न तो तय समय पर उचित मुआवजा दिया गया है और न ही उनके रहने व आजीविका के लिए कोई ठोस पुनर्वास नीति लागू की गई है।
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