कुंदन कुमार, पटना। बिहार राज्यसभा चुनाव में राजद की हार और कांग्रेस के 3 विधायकों के वोट नहीं करने को लेकर प्रदेश में सियासी भूचाल मचा हुआ है। वहीं, अब चुनाव में वोट नहीं करने वाले कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास और सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं देने के पीछे की असली वजह बताई है।
पसंद नहीं था राजद का उम्मीदवार- मनोज विश्वास
लल्लूराम डॉट काम से बात करते हुए मनोज विश्वास ने कहा कि, उन्हें राजद का उम्मीदवार (अजय धारी सिंह) पसंद नहीं था। इसलिए उन्होंने वोट नहीं किया। मनोज विश्वास ने यह भी कहा कि, बड़े नेताओं का आदेश था, जो करना है कीजिए। उन्होंने कहा कि, हमारे नेता राजेश राम को किसी ने नहीं पूछा। मनोज विश्वास को कोई खरीद नहीं सकता। वह कार्रवाई के लिए तैयार हैं।
मनोज विश्वास के बयान से साफ तौर उनकी और कांग्रेस नेताओं की नाराजगी साफ तौर पर सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि, कहीं कोई भी हमारे अनुसार काम नहीं हुआ। कैसा कैंडिडेट था ये भी आप देखे होंगे। हमने जो किया अपने हिसाब से किया। अब पार्टी अगर कोई कारवाई करेगी, उसे सहज स्वीकार करूंगा।
हमारे प्रभारी ने दिया था छूट- सुरेंद्र कुशवाहा
वहीं, मनोज विश्वास के अलावा सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा का भी बयान सामने आया है। मीडिया ने जब सुरेंद्र कुशवाहा ने वोट नहीं देने को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि, हमारे प्रभारी (कृष्ण अल्लावारु) ने कहा था कि स्वेच्छा से जो करना है कीजिए। कुशवाहा ने कहा कि, हम लोगों को उम्मीद थी तेजस्वी यादव ही राज्यसभा के लिए उम्मीदवार होंगे। लेकिन नामांकन के एक दिन पहले अमरेंद्र धारी को उम्मीदवार बनाया गया।
सुरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि, वोटिंग से एक दिन पहले प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम का व्हाट्सएप मैसेज आया की महागठबंधन का साथ देना है। हमसे कोई मुलाकात नहीं किया गया। हम चाहते थे की दलित, पिछड़े या फिर कोई अल्पसंख्यक उम्मीदवार बने।लेकिन नहीं बनाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि, चुनाव के दिन हम पटना में ही थे। प्रदेश नेतृत्व ने हमें किसी भी प्रकार को कोई निर्देश नहीं दिया की हमें राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के लिए वोट करना है। हम कांग्रेस में है, जो कारवाई करना है कीजिए। हमको ना कोई खरीद सकता ना डरा सकता है।
पप्पू यादव ने भी जताई थी नाराजगी
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी तेजस्वी के नेतृत्व पर सवाल उठाया है। पप्पू यादव ने कहा कि, विपक्ष के नेता (तेजस्वी यादव) का दायित्व था कि वो सबसे बात करें। उन्होंने किसी से बातचीत नहीं की। यह गलत है। पप्पू यादव ने तेजस्वी के प्रति नराजगी जाहिर करते हुए कहा कि, विपक्ष के नेताओं की जिम्मेदारी बनती है कि वो सबके साथ बैठक करें। विपक्ष के नेता की जो भूमिका होती है, उस जिम्मेदारी को उनको (तेजस्वी यादव) निभाने की जरूरत है।
ये भी पढ़ें- ‘पहले अपना घर संभाले’, तेजस्वी के आरोपों पर जदयू नेताओं का करारा पलटवार, ललन सिंह ने दिलाई विधासभा चुनाव की याद
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें

