देहरादून. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को एक बयान दिया. जिसे लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निशाना साधा है. सीएम ने अखिलेश यादव को आड़े हाथों लेते हुए उनके पिता मुलायम सिंह के शासनकाल को भी कटघरे में खड़े किया है. अखिलेश ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था कि ‘सबसे बड़े घुसपैठिया यूपी में कौन है, उत्तराखंड के. तो घुसपैठिया डिफाइन करना पड़ेगा.’
सीएम धामी ने अखिलेश के बयान पर पलटवार करते हुए एक्स पर लिखा कि उत्तराखंड देवभूमि भी है और वीरभूमि भी. इस पावन धरती ने देश को संत, सैनिक और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित अनेक व्यक्तित्व दिए हैं. अखिलेश यादव, उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना देवभूमि के स्वाभिमान और हमारे संघर्ष का अपमान है.
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उत्तराखंड के लोग यह भी नहीं भूले हैं कि जब अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब उत्तराखंड राज्य की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में गोलियां चली थीं. पिता के शासनकाल में उत्तराखंड के आंदोलनकारियों पर गोलियां चलीं और आज पुत्र उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कह रहे हैं. उत्तराखंड के लोग अपने संघर्ष और बलिदान को कभी नहीं भूल सकते. क्या कांग्रेस अपने राजनीतिक सहयोगी अखिलेश यादव जी के इस बयान का समर्थन करती है? क्या उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना कांग्रेस को स्वीकार है? कांग्रेस को देवभूमि की जनता को जवाब देना चाहिए.

