कुंदन कुमार/पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आखिरी दौर हंगामे की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। सत्र के 16वें दिन मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को जमकर घेरा। वेल में आकर नारेबाजी और प्रदर्शन के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक देखने को मिली।
सदन में मुख्यमंत्री की फिसली जुबान
विपक्ष के शोर-शराबे के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बेहद आक्रामक अंदाज में नजर आए। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आप लोगों ने कोई काम नहीं किया है, जो कुछ भी विकास हुआ है वह हमारे कार्यकाल में हुआ है। इसी दौरान मुख्यमंत्री की जुबान फिसल गई और उन्होंने खुद को ‘2002’ में होने की बात कह दी। उन्होंने पुराने दिनों की याद दिलाते हुए पूछा कि क्या आपके समय में शाम को कोई घर से बाहर निकल पाता था? मुख्यमंत्री ने विपक्ष को ‘बेमतलब का हल्ला’ न करने की हिदायत भी दी।
अमित शाह के दौरे पर ‘भाई वीरेंद्र’ का विवादित बयान
सदन की कार्यवाही से पहले ही विधानसभा पोर्टिको में विपक्षी विधायकों ने तख्तियों के साथ प्रदर्शन किया। राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित बिहार दौरे पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, वे सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और आग लगाने आ रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि बिहार में कोई घुसपैठिया नहीं है। हालांकि, जब पत्रकारों ने हिना शहाब को राज्यसभा भेजने पर सवाल किया, तो वे भड़क गए और मीडिया का माइक हटाते दिखे।
चौकीदार-दफादार प्रदर्शन और लाठीचार्ज पर रार
विपक्ष ने पटना में कल हुए चौकीदार-दफादार प्रदर्शनकारियों पर पुलिसिया लाठीचार्ज का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। सदस्यों ने सरकार पर दमनकारी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए सदन की कार्यवाही बाधित की। हंगामे के बावजूद विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने सदन चलाने की कोशिश की और सदस्यों से बार-बार अपनी सीट पर बैठने का आग्रह किया।
100 साल पुराने कानून की जगह लेगा नया विधेयक
हंगामे के बीच आज विधायी कार्य भी संपन्न होने हैं। विधि विभाग के प्रभारी मंत्री मंगल पांडे ‘बिहार सिविल न्यायालय विधेयक 2026’ पेश करेंगे। यह ऐतिहासिक बदलाव होगा क्योंकि नया कानून 100 साल से भी अधिक पुराने कानून की जगह लेगा, जिससे सिविल कोर्ट की कार्यप्रणाली में आधुनिकता और स्पष्टता आएगी।
सदन के अंदर गरमाया माहौल
महागठबंधन के विधायकों ने विधानसभा पोर्टिको में जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी की और विभिन्न जनहित मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान माहौल गरमाया रहा, जबकि प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए रहा।
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