पटना। बिहार बजट सत्र के 9वें दिन सदन में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर भारी हंगामा हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि वर्तमान शासन महिलाओं को सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल है। आरजेडी एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने पटना में कोचिंग छात्रा की मौत का मुद्दा उठाते हुए सदन में विशेष चर्चा की मांग की और बढ़ते उत्पीड़न पर चिंता जताई।
मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य और ‘9वीं फेल’ पर तंज
सदन के बाहर जदयू विधायक श्याम रजक ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्वास्थ्य पर उठ रहे सवालों का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, क्या किसी डॉक्टर ने उनकी बीमारी की पुष्टि की है? अगर 9वीं फेल लोग एमबीबीएस डॉक्टर की तरह बात करेंगे, तो यही होगा। छात्रा की मौत पर उन्होंने इसे ‘संयोग’ बताते हुए कहा कि इसका कानून-व्यवस्था से सीधा संबंध नहीं है।
तेजप्रताप को बधाई और ‘लड्डू’ की राजनीति
बीजेपी विधायक लखेंद्र पासवान ने तेजप्रताप यादव को लेकर व्यक्तिगत टिप्पणी की। उन्होंने तेजप्रताप को ‘लड़की होने’ (संभावित पारिवारिक संदर्भ) पर बधाई देते हुए पत्रकारों से कहा कि अगर लड्डू खाना है तो उनके घर चले जाएं। वहीं, विपक्षी विधायकों ने हाथ में ‘हत्या में नंबर वन बिहार’ के बैनर लेकर प्रदर्शन किया।
सरकार का बचाव: ‘ऑर्गनाइज्ड क्राइम’ का अंत
मंत्री अशोक चौधरी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बिहार में अब ‘संगठित अपराध’ नहीं है। उन्होंने राबड़ी देवी के कार्यकाल की याद दिलाते हुए कहा कि उनके 15 साल के शासन में 118 नरसंहार हुए थे और व्यापारी राज्य छोड़कर भाग गए थे। उन्होंने दावा किया कि आज प्रति व्यक्ति आय 7,000 से बढ़कर 68,000 हो गई है।
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