पटना। ​बिहार में मैट्रिक परीक्षा के बीच एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। मसौढ़ी की छात्रा कोमल कुमारी ने केवल 10 मिनट की देरी के कारण परीक्षा केंद्र में प्रवेश न मिलने पर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। कोमल सोमवार को ही अपने रिश्तेदार के घर महाराजचक चली गई थी ताकि समय पर केंद्र पहुंच सके, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

​10 मिनट की देरी और आत्मघाती कदम

​कोमल का परीक्षा केंद्र बरनी में था, जहां रिपोर्टिंग का समय सुबह 9:00 बजे तक था। कोमल 9:10 बजे केंद्र पहुंची, लेकिन नियमों की सख्ती के कारण गेट बंद हो चुका था। काफी मिन्नतें करने के बाद भी जब प्रवेश नहीं मिला, तो वह हताश होकर घर लौट आई और बाद में नदौल के पास चलती ट्रेन से कूद गई। पुलिस के अस्पताल ले जाने के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

​दूसरे दिन गणित की परीक्षा और सख्त नियम

​आज मैट्रिक परीक्षा का दूसरा दिन है, जिसमें दोनों पालियों में गणित का पेपर है। बिहार के 1699 केंद्रों पर करीब 15.12 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। बोर्ड ने कड़े निर्देश जारी किए हैं:

​प्रवेश समय: पहली पाली के लिए 9:00 बजे और दूसरी पाली के लिए 1:30 बजे गेट बंद कर दिए जाएंगे।
​ड्रेस कोड: जूता-मोजा पहनकर आने पर पाबंदी है; केवल चप्पल पहनकर आने की अनुमति है।

​दीवार फांदकर केंद्र में घुसने की मची होड़

​परीक्षा के पहले दिन प्रदेश के कई शहरों (पटना, बक्सर, बेगूसराय) से चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आईं, जहां छात्र-छात्राएं देरी होने पर 10-10 फीट ऊंची दीवार फांदकर सेंटर के अंदर घुसते दिखे। प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए समय से आधा घंटा पहले केंद्र पर पहुंचें।