पटना। बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने वर्दी की आड़ में अपराध करने वाले पुलिस अफसरों और कर्मियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चाहे थानेदार हों या अन्य पुलिसकर्मी, अगर वे अपराध में लिप्त पाए गए तो उन्हें जेल भेजा जाएगा और 15 दिनों के भीतर सेवा से बर्खास्त किया जाएगा। इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
थानेदारों पर कार्रवाई, दो जेल में
शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीजीपी ने बताया कि हाल में दो गंभीर मामले सामने आए हैं। गया जीआरपी थानेदार राजेश कुमार और वैशाली के लालगंज थानेदार ने अपराधी की तरह वारदात को अंजाम दिया, जिसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया है। इसके अलावा मोतिहारी और छपरा में भी दोषी पुलिसकर्मियों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी।
2025 में अपराध दर में बड़ी गिरावट
डीजीपी ने दावा किया कि 2024 की तुलना में 2025 में राज्य में अपराध में उल्लेखनीय कमी आई है। हत्या में 8 फीसदी, डकैती में 27 फीसदी, लूट में 21 फीसदी, दंगा में 21.5 फीसदी, रेप में 8.2 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। बैंक डकैती में 80 फीसदी और बैंक लूट में 62.5 फीसदी की गिरावट आई है। पहली बार बिहार में डकैती की घटनाएं 200 से नीचे आई हैं।
साइबर अपराध और ड्रग पर विशेष फोकस
डीजीपी ने कहा कि साइबर अपराध और नशा तस्करी बड़ी चुनौती बने हुए हैं। साइबर थानों में आईटी एक्सपर्ट की बहाली होगी और मानव बल बढ़ाया जाएगा। नारकोटिक्स को ईओयू से अलग कर तस्करों पर कार्रवाई तेज की गई है। साइबर अपराध नियंत्रण के लिए आईजी/एडीजी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में अलग विंग बनेगा और पटना में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा।
सोशल मीडिया में बिहार पुलिस अव्वल
बिहार पुलिस के सोशल मीडिया अकाउंट सभी विभागों में सबसे आगे हैं। पिछले एक साल में फॉलोअर्स की संख्या में 6 लाख की बढ़ोतरी हुई है। डीजीपी ने बताया कि सिम बॉक्स और आधार डेटा लीक मामले का खुलासा करने वाला बिहार पहला राज्य बना।
महिलाओं की सुरक्षा और महिला पुलिस
एनसीआरबी 2023 के अनुसार बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। राज्य के 855 थानों में महिला हेल्प डेस्क हैं और 28 जिलों में अभया ब्रिगेड गठित हो चुकी है। बिहार पुलिस में 28.41 फीसदी महिलाएं हैं, जो देश में सबसे अधिक है।
भूमाफिया, शराब और गिरफ्तारी का आंकड़ा
भूमाफियाओं की पहचान कर उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी। मद्य निषेध में 2025 में 3 फीसदी अधिक गिरफ्तारी हुई है। 2025 में 50 हजार से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी कर 3.61 लाख अभियुक्तों को जेल भेजा गया है।
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