DGP Vinay Kumar VRS: बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली है। गृह विभाग ने शनिवार की रात उनके वीआरएस आवेदन को स्वीकार कर लिया। बता दें कि दिसंबर में सेवानिवृत्ति होने वाले थे। हालांकि उन्होंने 3 महीने पहले ही वीआरएस ले लिया। बिहार सरकार ने उन्हें बिहार का नया मुख्य सूचना आयुक्त (CIC) नियुक्त किया है।
बता दे कि बीते 25 सितंबर को मुख्य सूचना आयुक्त के चयन को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी के बीच बैठक हुई थी। इसी बैठक में विनय कुमार के नाम पर सहमति बनी।
वहीं, अंजनी कुमार सिंह को बिहार राज्य सूचना आयोग में सूचना आयुक्त बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। इस पद पर रहते हुए वह RTI से जुड़े मामलों की सुनवाई और उनके निपटारे की प्रक्रिया में भूमिका निभाएंगे।
गृह विभाग ने मंजूर किया VRS
राज्य के गृह विभाग की ओर से शनिवार देर रात जारी अधिसूचना के मुताबिक, 1991 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी विनय कुमार ने हाल में स्वास्थ्य कारणों से छुट्टी लेने के बाद 25 सितंबर को वीआरएस (VRS) के लिए आवेदन किया था। सरकार ने उनका आवेदन तत्काल प्रभाव से मंजूर कर लिया। अधिसूचना में कहा गया है कि विनय कुमार को 3 महीने का नोटिस देने संबंधी नियम में छूट प्रदान करते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दी गई है।
1990 बैच के IPS अधिकारी हैं विनय कुमार
विनय कुमार 1990 बैच के IPS अधिकारी हैं। वह बिहार DGP की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। फिलहाल वह 15 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक 21 दिनों की छुट्टी पर है। ऐसे में उनकी जगह 1991 बैच की आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा को बिहार डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं, राज्य सरकार ने उन्हें मुख्य सूचना आयुक्त के पद के लिए नियुक्त किया है।
मुख्य सूचना आयुक्त की जिम्मेदारी राज्य सूचना आयोग में काफी अहम होती है। RTI यानी सूचना का अधिकार कानून के तहत सूचना से जुड़े मामलों में आयोग सुनवाई करता है। सूचना देने से संबंधित विवादों और अपीलों पर भी आयोग फैसला करता है। बता दें कि राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त का पद त्रिपुरारी शरण का कार्यकाल जून में समाप्त होने के बाद से खाली था।
अंजनी कुमार सिंह को भी नई जिम्मेदारी
वहीं, अंजनी कुमार सिंह को बिहार राज्य सूचना आयोग में सूचना आयुक्त बनाए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इस पद पर रहते हुए वह RTI से जुड़े मामलों की सुनवाई और उनके निपटारे की प्रक्रिया में भूमिका निभाएंगे।
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