पटना‌। बिहार में एक बार फिर कई जिले बाढ़ की विभीषिका झेल रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने खुद प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया है और राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की ओर से बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक सहायता के साथ-साथ अन्य जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।

​9 अक्टूबर को पीड़ितों के खातों में ट्रांसफर होगी राशि

​बिहार के बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। चिन्हित किए गए सभी बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में आगामी 9 अक्टूबर को 7-7 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर इस राशि के वितरण की तैयारियों की पूरी समीक्षा कर ली है। इससे पहले 15 सितंबर को भी आठ लाख से अधिक बाढ़ पीड़ितों के खातों में सहायता राशि भेजी जा चुकी है।

​हवाई सर्वेक्षण और तटबंधों का निरीक्षण

​मुख्यमंत्री ने बुधवार को पश्चिम चंपारण, सारण और अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान सारण जिले के मकेर प्रखंड में टूटे हुए तटबंध और नदियों के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया गया। इसके बाद पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड स्थित पीएम प्लस टू उच्च विद्यालय में चल रहे राहत शिविर का निरीक्षण किया। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस बार नेपाल की तराई से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण बगहा, रेवा घाट, लालगंज और गोपालगंज में नदियों का जलस्तर उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।

​बाढ़ का स्थायी समाधान और राहत कार्य

​नेपाल से अचानक अत्यधिक पानी आने के कारण उत्पन्न हुई इस विकट स्थिति से निपटने के लिए सरकार युद्ध स्तर पर काम कर रही है। कोसी और महानंदा नदियों का विशेष सर्वे कराया जा रहा है ताकि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके। अगले दो-तीन दिनों में पानी घटने की संभावना जताई गई है। जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती और लोग अपने घरों को वापस नहीं लौट जाते, तब तक पर्याप्त संख्या में सामुदायिक रसोई का संचालन जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सूखा राशन, पशुओं के लिए चारा और सुरक्षित आश्रय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।