बेतिया। बिहार के एक जिले में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक लग्जरी कार से 113 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने एक तस्कर को भी दबोच लिया है, जिससे पूछताछ का सिलसिला जारी है। बरामद किए गए मादक पदार्थ की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब एक करोड़ 22 लाख रुपये आंकी जा रही है। इस सनसनीखेज कार्रवाई से इलाके के तस्करों में हड़कंप मच गया है।

​कैसे हुई कार्रवाई और गिरफ्तारी

​शुक्रवार की सुबह पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि भारी मात्रा में गांजा की खेप इलाके में लाई जा रही है। इस सूचना के बाद पुलिस की एक विशेष टीम ने नगर के छावनी इलाके में निगरानी शुरू कर दी। सुबह करीब छह बजे एक सफेद रंग की संदिग्ध कार गुजरती हुई दिखाई दी। पुलिस ने जब वाहन को रुकने का इशारा किया, तो चालक ने गाड़ी भगाने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए गाड़ी का पीछा किया और स्टेशन चौक के पास अपनी गाड़ी से टक्कर मारकर तस्कर की कार को रोकने के लिए मजबूर कर दिया।

​कार की तलाशी और गांजा की बरामदगी

​गाड़ी रुकने के बाद पुलिस ने जब उसकी गहन तलाशी ली, तो उसमें छिपाकर रखे गए कुल सात बंडल गांजा बरामद किए गए। मजिस्ट्रेट के रूप में सदर अंचलाधिकारी पल्लवी कुमारी की उपस्थिति में इस जब्त गांजा का वजन कराया गया, जो कुल 113 किलोग्राम निकला। खास बात यह है कि जब्त किए गए बंडलों के ऊपर नेपाली भाषा में कुछ लिखा हुआ पाया गया है, जिससे इस तस्करी के तार अंतरराष्ट्रीय सीमा या नेपाल से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने गांजा और कार को जब्त करते हुए चालक को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

​आरोपी से पूछताछ और आगे की जांच

​गिरफ्तार कार चालक की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बरवत पसराइन निवासी मो. सहीम के रूप में हुई है। शुरुआती पूछताछ में आरोपी चालक ने पुलिस को बताया है कि उसे यह माल छावनी के एक व्यक्ति ने सौंपा था, जिसे मोतिहारी तक पहुंचाना था। पुलिस अब इस बयान की सत्यता की जांच करने में जुटी है। इस सफल छापेमारी टीम में नगर थानाध्यक्ष विनय कुमार, इंस्पेक्टर मो. अकरम, दारोगा रामशरण कुमार, उदय पासवान, विशाल तिवारी और रवि कुमार शामिल रहे। सदर एसडीपीओ अजीत कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि वाहन से गांजा जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की संलिप्तता की गहराई से जांच की जा रही है।