कुंदन कुमार, पटना। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी और पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पर कटाक्ष करते हुए एक ऐसा बयान दिया, जिसने बिहार के राजनीतिक गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया है। इस बयान के बाद राज्य में सियासत गरमा गई है और पक्ष-विपक्ष आमने-सामने आ चुके हैं।

​विवादित बयान और कांग्रेस की टिप्पणी

​राजेंद्र पाल गौतम ने अपने बयान में कथित तौर पर कहा था कि बेचारे बिहारी कुछ जानते-समझते नहीं हैं, उन्हें जो स्क्रिप्ट दे दी जाती है, वही पढ़ते हैं। इस टिप्पणी को लेकर बिहार में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। इस तरह के बयानों से क्षेत्रीय भावनाओं को ठेस पहुंचती है, जिससे विवाद और अधिक गहरा जाता है।

​बीजेपी का तीखा पलटवार और सरावगी का हमला

​इस बयान के विरोध में बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कांग्रेस पार्टी पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने इसे कांग्रेस की पुरानी सामंती मानसिकता करार दिया और कहा कि यह बयान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि राज्य के 14 करोड़ बिहारियों के पसीने, परिश्रम और स्वाभिमान का खुला अपमान है। सरावगी ने दो टूक शब्दों में कहा कि बिहार के लोग अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाते हैं, और ऐसे में उन्हें कम आंकना कांग्रेस की संकीर्ण सोच को दर्शाता है।

​राहुल गांधी पर सीधा निशाना और खुली चुनौती

​यह जुबानी जंग यहीं नहीं थमी, बल्कि संजय सरावगी ने सीधे तौर पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को भी अपने निशाने पर ले लिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि असली स्क्रिप्ट तो कांग्रेस के शहजादा पढ़ते हैं, जिनका रिमोट कंट्रोल एक ही परिवार के हाथों में रहता है।
​बात को और आगे बढ़ाते हुए सरावगी ने राहुल गांधी को एक खुली चुनौती दे डाली। उन्होंने कहा कि बीजेपी का एक साधारण मंडल अध्यक्ष भी राहुल गांधी से किसी भी मुद्दे पर खुली बहस करने के लिए पूरी तरह काफी है, बशर्ते राहुल गांधी अपनी बहस के दौरान कोई लिखित पर्ची या स्क्रिप्ट लेकर न आएं। इस सीधी चुनौती ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्मा दिया है।