सुपौल। बिहार के कई जिलों में घरेलू गैस की भारी किल्लत के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। सुपौल में आक्रोशित लोगों ने NH-327E को जाम कर घंटों हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पिछले एक सप्ताह से घरों में चूल्हा नहीं जला है, जबकि एजेंसियां गैस की कालाबाजारी कर रही हैं। पटना, गोपालगंज, खगड़िया और औरंगाबाद जैसे शहरों में भी सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

​तालाबंदी और पुलिस का पहरा

​हालात इतने खराब हैं कि कई जिलों में गैस गोदामों पर ताले लटके हुए हैं। पटना के जगदेव पथ स्थित एचपी एजेंसी और दरभंगा के गोदामों में कर्मचारी ताला लगाकर गायब हैं। वहीं, कैमूर के मोहनिया में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की मौजूदगी में सिलेंडर बांटे जा रहे हैं। प्रशासन को अंदेशा है कि आपूर्ति में कमी के कारण कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है।

​युद्ध का असर और सरकारी अलर्ट

​इस संकट के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण बताए जा रहे हैं। स्पेशल ब्रांच के DIG ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, DM और SP को अलर्ट जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार, मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध और तनावपूर्ण स्थितियों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम पदार्थों और LPG की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। इसी के मद्देनजर राज्य सरकार ने सभी जिलों को सतर्क रहने और आपूर्ति श्रृंखला पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।