कुंदन कुमार/पटना। बिहार में विधानसभा चुनाव के बाद अब विधान परिषद चुनाव को लेकर महागठबंधन के भीतर सीटों की खींचतान सामने आ गई है। कांग्रेस ने गुरुवार देर रात बिहार विधान परिषद की आठ सीटों में से पांच सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए। इनमें तीन सीटें ऐसी हैं, जहां राजद पहले ही अपने प्रत्याशी उतार चुका है। ऐसे में कांग्रेस और राजद के उम्मीदवार आमने-सामने होंगे। हालांकि इसे महागठबंधन के औपचारिक टूटने के बजाय फिलहाल सीटों पर अलग-अलग उम्मीदवार उतारने की स्थिति के तौर पर देखा जा रहा है।कांग्रेस ने दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मौजूदा एमएलसी डॉ. मदन मोहन झा को दोबारा मैदान में उतारा है। कोसी स्नातक से मनोज कुमार जायसवाल, दरभंगा स्नातक से रजनीकांत पाठक, पटना शिक्षक से डॉ. संजय यादव और पटना स्नातक से डॉ. असदुल्लाह खान को प्रत्याशी बनाया गया है। उम्मीदवारों के नाम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी के बाद जारी किए गए।

कांग्रेस-RJD में सीधा मुकाबला

राजद ने सितंबर में छह सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की थी। इसके बाद कांग्रेस की सूची आने से तीन निर्वाचन क्षेत्रों में दोनों दलों के प्रत्याशी आमने-सामने हैं। कोसी स्नातक सीट से कांग्रेस के मनोज कुमार जायसवाल के सामने राजद के नितेश कुमार हैं। दरभंगा स्नातक से कांग्रेस ने रजनीकांत पाठक को टिकट दिया है, जबकि राजद ने अनिल कुमार झा को उम्मीदवार बनाया है। पटना स्नातक सीट पर कांग्रेस के डॉ. असदुल्लाह खान का मुकाबला राजद के दिलीप कुमार से होगा।
वहीं दरभंगा शिक्षक सीट पर राजद ने उम्मीदवार नहीं उतारा है। यहां कांग्रेस के मदन मोहन झा के साथ अन्य दलों के प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। पटना शिक्षक सीट पर भी कांग्रेस ने संजय यादव को उम्मीदवार बनाया है और राजद ने यहां प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।

तीसरी बार मदन मोहन झा पर भरोसा

कांग्रेस ने दरभंगा शिक्षक सीट से डॉ. मदन मोहन झा को लगातार तीसरी बार मौका दिया है। वह बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं और वर्तमान में विधान परिषद सदस्य हैं। इस सीट पर कांग्रेस ने अपने मौजूदा चेहरे को ही दोबारा मैदान में उतारा है।

पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं रजनीकांत पाठक

दरभंगा स्नातक से कांग्रेस प्रत्याशी बनाए गए रजनीकांत पाठक के लिए यह पहला विधान परिषद चुनाव नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने 2020 में मिथिला स्टूडेंट यूनियन के बैनर तले चुनाव लड़ा था। इसके बाद वह कांग्रेस में शामिल हुए और अब पार्टी ने उन्हें इसी निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया है।
बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को होना है। चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव के बाद परिषद में इन सीटों का कार्यकाल नवंबर में समाप्त होना है।