कुंदन कुमार, पटना। बिहार सरकार के मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने आगामी विधान परिषद चुनावों को लेकर एक बड़ा और स्पष्ट दावा किया है। उन्होंने विश्वास जताया है कि विधान परिषद की सभी सीटों पर राष्ट्रीय जनता डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की ही जीत होगी। उन्होंने विपक्ष, खासकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर जोरदार हमला बोला और पिछले विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि विपक्ष हमेशा से झूठे दावे करता आया है।

तेजस्वी यादव पर साधा निशाना

​मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के समय विपक्ष और उनके नेता सत्ता में आने के सपने देख रहे थे और शपथ लेने की तारीखें तय कर रहे थे, लेकिन जनता ने उन्हें पूरी तरह से नकार दिया और बिहार में एनडीए की सरकार बनी। उन्होंने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की दोस्ती पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जब से तेजस्वी की दोस्ती राहुल गांधी से हुई है, तब से वह उसी राजनीतिक पैटर्न पर चल रहे हैं, जिसे बिहार की जनता स्वीकार करने को तैयार नहीं है।

​10 नंबरी बयान और 15 साल के शासन पर पलटवार

​तेजस्वी यादव द्वारा मुख्यमंत्री को कहे गए अपशब्दों पर कड़ा एतराज़ जताते हुए मंत्री ने कहा कि उन्हें पहले अपने पिता के 15 साल के शासनकाल को याद करना चाहिए। उस दौर में बिहार में ‘लाठी तंत्र’ के जरिए शासन चलाया जाता था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह तो चुनाव आयोग का धन्यवाद होना चाहिए जिसने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराया, जिसके परिणामस्वरूप जनता ने राजद को सत्ता से दूर कर दिया।

​ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर बयानबाजी की निंदा

​ईवीएम, वोट चोरी और चुनाव आयोग के अधिकारियों को लेकर विपक्ष द्वारा दिए जा रहे बयानों पर मंत्री ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आज विपक्ष ज्ञानेश कुमार को लेकर अनावश्यक बयानबाजी कर रहा है, जबकि वे अब मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि जब पहले के चुनावों में विपक्ष की जीत होती थी, तब उन्हें वोट चोरी की याद क्यों नहीं आती थी? अब हार के डर से ऐसे बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं, जिसका जनता की नज़रों में कोई महत्व नहीं है।

​सीवान पटाखा फैक्ट्री विस्फोट पर प्रशासनिक चूक स्वीकार

​सीवान जिले में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट की घटना पर बोलते हुए मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने माना कि यह निश्चित तौर पर प्रशासन की बड़ी चूक और लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी अधिकारी या व्यक्ति पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।